वाशिंगटन, 6 जनवरी : अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बड़ा दावा किया है कि भारत के अमेरिकी राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने उनसे रूस से तेल खरीद कम करने की जानकारी देते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भारत पर लगे टैरिफ हटाने की अपील करने को कहा था। यह बयान ग्राहम ने एयर फोर्स वन पर ट्रंप के साथ पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया।
राजदूत ने सिर्फ रूसी तेल की बात की
सीनेटर ग्राहम ने कहा, “लगभग एक महीने पहले मैं भारतीय राजदूत के घर गया था और वे सिर्फ इस बारे में बात करना चाहते थे कि भारत रूस से कम तेल कैसे खरीद रहा है। उन्होंने मुझसे कहा- क्या आप राष्ट्रपति से टैरिफ हटाने के लिए कहेंगे?” ग्राहम ने इसे ट्रंप प्रशासन की नीति का असर बताया और कहा कि भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ ही मुख्य कारण है कि भारत ने अब रूसी तेल की खरीद काफी कम कर दी है।
ट्रंप ने भी भारत का जिक्र कर दी चेतावनी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्राहम की बात का समर्थन करते हुए कहा कि पुतिन पर लगी पाबंदियां रूस को बहुत नुकसान पहुंचा रही हैं। ट्रंप ने भारत का नाम लेते हुए कहा कि मोदी जानते थे कि मैं भारत के रूसी तेल खरीदने से नाराज हूं और इसे खुश करने के लिए कदम उठाए गए। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर रूसी तेल खरीद जारी रही तो टैरिफ बहुत जल्दी बढ़ाए जा सकते हैं। ग्राहम अपने उस बिल का जिक्र कर रहे थे जिसमें रूस से तेल खरीदने वाले देशों के आयात पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की प्रस्ताव है। उनका कहना है कि पुतिन के ग्राहकों पर दबाव डालकर रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म किया जा सकता है।
भारत की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं
ग्राहम के इस दावे पर भारतीय विदेश मंत्रालय या राजदूत की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नई तनाव पैदा कर सकता है, खासकर जब भारत रूसी तेल पर निर्भरता कम कर अमेरिका से आयात बढ़ा रहा हो।
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