March 4, 2026

भारत से रवाना हुआ ईरानी युद्धपोत अमेरिका ने डुबोया, 100 की मौत

भारत से रवाना हुआ ईरानी युद्धपोत...

वॉशिंगटन, 4 मार्च : अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जानकारी दी है कि उनकी नौसेना ने हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया है। बुधवार सुबह इस घटना के बारे में बताते हुए हेगसेथ ने कहा कि हमने पनडुब्बी के माध्यम से ईरानी वॉरशिप पर हमला किया, जिसके परिणामस्वरूप यह जहाज डूब गया। इससे पहले, श्रीलंकाई नौसेना ने पुष्टि की थी कि ईरान का IRIS डेना नामक युद्धपोत हिंद महासागर में डूब गया है, और उन्होंने जहाज पर सवार कुछ लोगों को बचाने का प्रयास किया है।

इस घटना में 80 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हेगसेथ ने ईरान के खिलाफ हमलों को तेज करने का संकेत देते हुए कहा कि हम ईरान को नियंत्रित करेंगे और यह प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश की थी, लेकिन उस प्रयास में शामिल समूह के नेता को ही मार दिया गया।

जहाज में सवार 100 लोगों की मौत

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अपने बयान में कहा कि हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत को अमेरिका ने टॉरपीडो से हमला करके डुबोया है।
समुद्री जहाज को तबाह करने के लिए पनडुब्बी से टॉरपीडो को दागा जाता है। जहाज के डूबने के बाद इसमें सवार 140 लोगों के लापता होने की बात सामने आई थी। इनमें से 80 की मौत हो गई है।

अमेरिका की ओर से युद्ध में हुई मौतों की संख्या पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। पीट हेगसेथ ने एक युद्धपोत पर सबमरीन हमले की पुष्टि करते हुए इसे ईरान के खिलाफ अमेरिका की वैश्विक सैन्य क्षमताओं का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को यह नहीं समझना चाहिए कि वह अंतरराष्ट्रीय जल में सुरक्षित है। यह उल्लेखनीय है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार अमेरिका ने टॉरपीडो के माध्यम से किसी जहाज को नष्ट किया है, जो कि अमेरिका की सैन्य रणनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाता है।

श्रीलंका की नेवी ने कई लोगों को बचाया

श्रीलंका ने बुधवार सुबह बताया था कि उसकी नेवी ने अपने समुद्र तट के पास एक ईरानी जहाज डूबने के बाद बचाव अभियान चलाया है। श्रीलंकाई अधिकारियों ने बताया कि ये जहाज हमारे तट के पास डूबने लगा तो इससे डिस्ट्रेस कॉल भेजा गया। इसके बाद श्रीलंका की नौसेना और वायुसेना ने रेस्कयू किया।

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