नई दिल्ली, 11 फरवरी : भारत में क्विक-कॉमर्स सेक्टर तेज़ी से विस्तार कर रहा है। जॉब पोर्टल ‘Foundit’ की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र में व्हाइट-कॉलर नौकरियों की पोस्टिंग में सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। बुधवार को जारी रिपोर्ट बताती है कि कंपनियां अब केवल डिलीवरी नेटवर्क तक सीमित नहीं हैं, बल्कि टेक्नोलॉजी और रणनीतिक विस्तार पर भी भारी निवेश कर रही हैं।
व्हाइट-कॉलर भूमिकाओं की बढ़ती हिस्सेदारी
Swiggy, Zomato, Zepto और Blinkit जैसी कंपनियों में कुल नौकरियों का 14 प्रतिशत हिस्सा अब व्हाइट-कॉलर भूमिकाओं का हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां डेटा एनालिटिक्स, प्रोडक्ट टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन स्ट्रेटेजी को प्राथमिकता दे रही हैं।
Foundit की मार्केटिंग वाइस प्रेसिडेंट अनुपमा भीमरजका ने कहा कि यह सेक्टर अब “इंटेलिजेंट एक्सपेंशन” की ओर बढ़ रहा है, जिससे ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाया जा सके।
इन भूमिकाओं की सबसे ज्यादा मांग
- डेटा और एनालिटिक्स: 26% हिस्सेदारी के साथ यह सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र है, जिसमें सालाना 28% वृद्धि हुई है।
- प्रोडक्ट और ऑप्स टेक: इस श्रेणी में 24% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- सप्लाई चेन और नेटवर्क प्लानिंग: इन भूमिकाओं में 22% का इजाफा हुआ है।
डिमांड फोरकास्टिंग एनालिस्ट, प्रोडक्ट मैनेजर और नेटवर्क प्लानिंग मैनेजर जैसे पदों की मांग सबसे अधिक देखी जा रही है।
बेंगलुरु बना व्हाइट-कॉलर नौकरियों का हब
रिपोर्ट के अनुसार, क्विक-कॉमर्स सेक्टर की हर चार में से एक व्हाइट-कॉलर नौकरी बेंगलुरु में स्थित है। इसके अलावा हैदराबाद में भी औसत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।
हालांकि डिलीवरी बॉय और डार्क-स्टोर वर्कर्स की संख्या अभी भी सबसे ज्यादा है, लेकिन व्हाइट-कॉलर नौकरियां अब कंपनियों के लिए रणनीतिक केंद्र के रूप में उभर रही हैं, जो भविष्य की विकास योजनाओं को दिशा दे रही हैं।

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