January 8, 2026

फास्ट टैग संबंधी केंद्र सरकार के ‘पास’ प्लान का किन्हें मिलेगा लाभ?

फास्ट टैग संबंधी केंद्र सरकार के...

नई दिल्ली, 21 जून : केंद्र सरकार ने देशवासियों को राजमार्गों पर सुगम यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण कदम जरूर उठाए हैं, लेकिन टोल प्लाजा के झंझटों से पूरी तरह मुक्ति तभी मिलेगी जब राज्य सरकारें भी केंद्र की वार्षिक टोल पास नीति के साथ खुद को जोड़ने के लिए सहमत होंगी। चूंकि 15 अगस्त से शुरू हो रही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की निजी वाहनों के लिए वार्षिक टोल पास योजना केवल राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर ही लागू होगी, इसलिए केंद्र ने राज्यों को राज्य सरकारों के अधीन राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर भी यह सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया है और कुछ राज्यों ने सैद्धांतिक रूप से इस पर अपनी सहमति भी दे दी है।

3,000 रुपये में बनेगा वार्षिक पास

हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की कि 15 अगस्त से राष्ट्रीय राजमार्गों पर फास्टैग आधारित वार्षिक टोल पास शुरू किए जाएंगे। 3,000 रुपये के वार्षिक पास से 200 चक्कर लगाए जा सकेंगे। सरकार का दावा है कि इससे न केवल राजमार्ग यात्रियों को आर्थिक रूप से लाभ होगा, बल्कि यात्रा भी सुविधाजनक होगी क्योंकि टोल गेटों पर लंबी कतारें नहीं लगेंगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई 146195 किलोमीटर है। इसके दायरे में कुल 1030 टोल प्लाजा हैं, जिन पर यह योजना लागू होगी। हालांकि, पूरी तरह से सुगम यात्रा की राह में अभी भी कुछ बाधाएं हैं। दरअसल, राज्य राजमार्गों पर वार्षिक टोल पास योजना लागू नहीं की जा रही है और देश में राज्य राजमार्गों की कुल लंबाई 179535 किलोमीटर है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों से भी ज्यादा है।

यूपी में अभी तक कोई सुविधा नहीं

हालांकि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब हाईवे पर ज्यादा टोल नहीं बचे हैं। करीब 15 राज्यों ने अपने हाईवे पर टोल टैक्स खत्म कर दिया है, लेकिन कई राज्यों में एक्सप्रेसवे भी बन गए हैं, जिन पर टोल टैक्स लगाया जा रहा है। उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश में नोएडा-आगरा यमुना एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को सालाना टोल पास की सुविधा नहीं मिलेगी।

यह भी देखें : 8वें पे-कमीशन को लेकर सरकार ने टी.ओ.आर. संबंधी कही बड़ी बात