इस्तांबुल, 17 मई : एक वरिष्ठ यूक्रेनी अधिकारी ने शुक्रवार को रूस पर यहां चल रही शांति वार्ता के दौरान ‘अस्वीकार्य मांगें’ रखने का आरोप लगाया, जिन पर पहले चर्चा नहीं की गई थी। अधिकारी ने बताया कि मांगों में यूक्रेनी सेना से उनके नियंत्रण वाले बड़े क्षेत्रों से हटने का आह्वान भी शामिल है, ताकि पूर्ण युद्धविराम लागू किया जा सके।
वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि रूसी प्रतिनिधिमंडल ‘जानबूझकर आज की बैठक को अनिर्णायक बनाने के लिए अस्वीकार्य मांगें पेश करने की कोशिश कर रहा था।’
उन्होंने कहा कि यूक्रेनी पक्ष ने दोहराया कि उसका दृष्टिकोण वास्तविक प्रगति हासिल करने पर केंद्रित है, जिसमें तत्काल युद्ध विराम और ठोस कूटनीति का रास्ता खोजना शामिल है, ‘जैसा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय साझेदारों और अन्य लोगों द्वारा प्रस्तावित किया गया है।’ रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल तीन वर्षों में पहली प्रत्यक्ष शांति वार्ता के लिए शुक्रवार को इस्तांबुल में मिले।
अभी जारी रह सकता है गतिरोध
यूक्रेनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हेओरही त्याखाई के अनुसार, रक्षा मंत्री रुस्तम उमारोव के नेतृत्व में एक यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी व्लादिमीर मेडिंस्की के नेतृत्व में एक रूसी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
उन्होंने बैठक की एक तस्वीर भी जारी की। रूसी और यूक्रेनी अधिकारी एक यू-आकार की मेज के चारों ओर आमने-सामने बैठे थे। अधिकारियों और पर्यवेक्षकों का मानना है कि तुर्की की मध्यस्थता वाली वार्ता के माध्यम से तीन साल से अधिक पुराने युद्ध को समाप्त करने में तत्काल कोई प्रगति नहीं होगी।
यह भी देखें :http://Why did Ukraine say during Russia-Ukraine talks that demands cannot be accepted

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