मुम्बई, 31 मार्च : हरिंदर एस सिक्का ने हाल ही में X पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी किताब जासूसी विषयों पर आधारित सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों में से एक बनी हुई है। इसके साथ ही, सिक्का ने असली जासूसी कहानियों पर आधारित कुछ अन्य पुस्तकों की सूची भी साझा की, जिसमें उनका उपन्यास ‘कॉलिंग सहमत’ भी शामिल था।
गलत तरीके से कहानी पेश करने का आरोप
सिक्का ने अपने 2008 के जासूसी उपन्यास ‘कॉलिंग सहमत’ के लिए जाने जाते हैं, जिसे 2018 में आलिया भट्ट की फिल्म ‘राज़ी’ में भी दर्शाया गया था। हालांकि, सिक्का ने एक बार फिर से फिल्म की निर्देशक मेघना गुलजार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कहानी को अपने तरीके से तोड़-मरोड़कर पेश किया है, जिससे मूल कथा का सार भंग हो गया है।
यह उपन्यास सच्ची घटनाओं पर आधारित है और एक युवा लड़की सहमत की कहानी को बयां करता है, जो अपने पिता के कहने पर आर एंड एडब्ल्यूए की ट्रेनिंग लेती है। सहमत एक पाकिस्तानी सैन्य परिवार में विवाह करके गुप्त जासूस बन जाती है और पाकिस्तान में एक दोहरे जीवन का सामना करती है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से पहले, वह भारत को महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी प्रदान करती है, जिससे उसकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इस उपन्यास में न केवल जासूसी की रोमांचक दुनिया को दर्शाया गया है, बल्कि यह भी दिखाया गया है कि कैसे एक व्यक्ति अपने देश के प्रति निष्ठा निभाते हुए व्यक्तिगत बलिदान करता है।
फिल्म में मनगढ़ंत तत्वों की कड़ी आलोचना
भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी हरिदंर सिक्का ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मेघना गुलजार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने उपन्यास ‘राज़ी’ पर आधारित फिल्म में मनगढ़ंत तत्वों को शामिल किया है। सिक्का ने इस संबंध में अपनी कड़ी आलोचना व्यक्त करते हुए लिखा कि ‘कॉलिंग सहमत’ जासूसी पर लिखी गई सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों में से एक है, जो वैश्विक स्तर पर प्रशंसा प्राप्त कर चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पुस्तक पाकिस्तान के भीतर की गतिविधियों, बॉलीवुड में मौजूद शत्रुतापूर्ण ताकतों और पंजाब के अपराधियों को उजागर करती है।

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