January 16, 2026

पंजाब–हरियाणा बार काउंसिल चुनावों में महिलाओं को 30% आरक्षण

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नई दिल्ली, 16 जनवरी : सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा की आगामी बार काउंसिल चुनावों में महिला अधिवक्ताओं को 30 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश देशभर की राज्य बार काउंसिलों में महिलाओं की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाला बागची की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जिन राज्य बार काउंसिलों में अभी चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू नहीं हुई है, वहां महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।

पीठ ने वकीलों की कुल संख्या में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए राज्य बार काउंसिलों के निर्वाचित सदस्यों की संख्या बढ़ाने से संबंधित याचिका पर विचार करने के लिए अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से भी सहायता मांगी है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पंजाब और हरियाणा के मामले में चुनाव प्रक्रिया अभी औपचारिक रूप से शुरू नहीं हुई है और केवल अंतिम मतदाता सूची ही प्रकाशित की गई है। ऐसे में महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षण लागू करना पूरी तरह से उचित और आवश्यक है।

अदालत ने कहा कि यह निर्देश महिला वकीलों को न्यायिक संस्थाओं में समान प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सभी संबंधित राज्य बार काउंसिलों को इसका पालन करना होगा।

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