चंडीगढ़, 18 अक्तूबर : पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा। अदालत ने उनके खिलाफ दायर मानहानि की शिकायत को रद्द करने की उनकी याचिका खारिज कर दी। यह मामला 2017 का है, जब बादल ने एक बयान में दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर पंजाब दौरे के दौरान आतंकवादियों से मिलने का आरोप लगाया था।
अगर आम आदमी पार्टी पंजाब में सत्ता में आई, तो अराजकता फैल जाएगी
सुखबीर बादल ने कहा था कि केजरीवाल ने अखंड कीर्तनी जत्था के सदस्यों के साथ नाश्ता किया था, जो कथित तौर पर आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का एक राजनीतिक मुखौटा है। उन्होंने कहा था कि भगवान न करे अगर आम आदमी पार्टी पंजाब में सत्ता में आई, तो राज्य में अराजकता फैल जाएगी। इस बयान के कारण, अखंड कीर्तनी जत्था के सदस्य राजिंदर पाल सिंह ने बादल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। बादल ने हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में दलील दी थी कि उन्होंने अपने बयान में शिकायतकर्ता का नाम तक नहीं लिया था।
इसके अलावा, उस समय वह पंजाब के गृह मंत्री थे और इसलिए राज्य की कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करना उनके अधिकार क्षेत्र में था। हालाँकि, उच्च न्यायालय ने उनकी दलील को खारिज कर दिया। यह स्पष्ट करते हुए कि मामला प्रथम दृष्टया अफवाह है और इस स्तर पर शिकायत को खारिज नहीं किया जा सकता। अदालत के इस आदेश के बाद, सुखबीर बादल को अब निचली अदालत में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।
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