लखनऊ, 6 दिसम्बर : मोतीनगर निवासी उर्मिला त्रिपाठी 77 साल की हैं। इस उम्र में उनकी परेशानी की वजह नगर निगम द्वारा भेजा गया हाउस टैक्स बिल है। हर साल टैक्स वसूला जा रहा था और नगर निगम को कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन अब नगर निगम ने 2010 से टैक्स रिवाइज कर दिया है और पुराना बकाया और ब्याज मिलाकर 5.87 लाख रुपये का बिल भेज दिया है। इसमें भी नगर निगम की गलती है कि उसने अभी तक इसे रिवाइज नहीं किया, जबकि बिल भी वसूला जा रहा था।
नगर निगम में आयोजित नागरिक समस्या निवारण दिवस पर उर्मिला त्रिपाठी के पुत्र आशुतोष त्रिपाठी ने महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार को पत्र देकर जोन दो में तैनात कर अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गृहकर की जांच दूसरे जोन के ईमानदार अधिकारी से कराई जाए।
बुजुर्ग उर्मिला त्रिपाठी द्वारा दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि इससे मानसिक उत्पीड़न बढ़ गया है। मकान के कुछ हिस्से में बनी दुकान को सील करने की धमकी दी जा रही है। नगर आयुक्त ने जांच कराकर रिपोर्ट देने को कहा है। इंदिरानगर ए ब्लॉक निवासी अजय वर्मा अपनी पत्नी ज्योतिमा वर्मा के साथ आए थे और उनके मकान का हाउस टैक्स 4500 रुपये से दस गुना बढ़ा दिया गया है। बिल्डिंग नंबर बी-6 एलडीए कॉलोनी निवासी उदय शुक्ला भी हाउस टैक्स में बढ़ोतरी की शिकायत लेकर आए थे।

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