January 10, 2026

किसान आंदोलन: एक साल बाद फिर शुरू होगी किसानों और समिति के बीच बातचीत

किसान आंदोलन: एक साल बाद फिर शुरू ...

पटियाला, 9 जनवरी : लगभग एक वर्ष के लंबे अंतराल के बाद किसानों और सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्च-स्तरीय समिति के बीच बातचीत आज दोबारा शुरू होने जा रही है। इस बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ में समिति के पैनल से मुलाकात करेगा। शंभू और खनौरी सीमाओं से प्रदर्शनकारियों को हटाए जाने के बाद 20 मार्च 2025 से किसानों और समिति के बीच कोई बातचीत नहीं हुई थी। इससे पहले 6 जनवरी 2025 को समिति के सदस्यों ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात की थी, जो उस समय भूख हड़ताल पर थे।

उच्च-ताकती समिति का गठन क्यों हुआ

जस्टिस (सेवानिवृत्त) नवाब सिंह की अगुवाई में गठित इस उच्च-स्तरीय समिति का उद्देश्य किसान आंदोलन को गैर-राजनीतिक स्वरूप देना, संवाद को सुगम बनाना और किसानों की शिकायतों के संभावित समाधान सुझाना है। समिति के अन्य सदस्यों में हरियाणा के पूर्व डीजीपी पी.एस. संधू, कृषि अर्थशास्त्री देविंदर शर्मा और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के प्रोफेसर रणजीत सिंह घुम्मण शामिल हैं। इसके अलावा हिसार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति बलदेव राज कंबोज विशेष आमंत्रित सदस्य हैं।

एमएसपी पर कानूनी गारंटी पर मांगी जाएगी स्पष्टता

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेता काका सिंह कोटड़ा ने पुष्टि की कि प्रतिनिधिमंडल समिति से यह स्पष्ट जानना चाहता है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने की दिशा में अब तक क्या प्रगति हुई है। किसान प्रतिनिधिमंडल समिति से मुलाकात के अलावा हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के किसानों के साथ सांसद चरणजीत सिंह चन्नी से भी मुलाकात करेगा। चन्नी कृषि संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं।

समिति की सिफारिशों पर होगी चर्चा

उल्लेखनीय है कि समिति ने हाल ही में एमएसपी को लेकर कानूनी गारंटी की सिफारिश की है। किसान नेता इस रिपोर्ट की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेंगे, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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