श्री आनंदपुर साहिब, 27 फरवरी : श्री आनंदपुर साहिब में देर रात किला आनंदपुर साहिब से होला मोहल्ला की शुरुआत के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार एवं तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि होला मोहल्ला खालसा पंथ का विलक्षण और ऐतिहासिक राष्ट्रीय त्योहार है।
यह पर्व सिख कौम को अपनी शौर्य परंपरा, युद्ध कला और गुरमत आधारित जीवन शैली से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि खालसाई अनुशासन, चढ़दी कला और कौमी एकता का प्रतीक है।
धार्मिक प्रतीकों से छेड़छाड़ पर सख्त कार्रवाई की मांग
जत्थेदार गड़गज्ज ने जूडियो स्टोर में हुई हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी सिख के ककार उतारने या उसकी धार्मिक पहचान से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सरकारों को सख्त और मिसाली कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था और पहचान का सम्मान हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश सरकार से संवेदनशीलता बरतने की अपील
जत्थेदार ने पड़ोसी राज्य Himachal Pradesh के मुख्यमंत्री और प्रशासन से अपील की कि होला मोहल्ला के अवसर पर गुरु घरों में नतमस्तक होने जाने वाले युवाओं के निशान साहिब या अन्य धार्मिक प्रतीकों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो। उन्होंने प्रशासन से पूरी संवेदनशीलता के साथ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंजाबी युवा हुड़दंगी नहीं, बल्कि खालसा गुरु की अनुशासित फौज हैं, जो हमेशा मर्यादा और नियमों में रहकर आचरण करते हैं। जत्थेदार गड़गज्ज ने विश्वास जताया कि इस वर्ष भी होला मोहल्ला खालसाई शान, अनुशासन और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा तथा विश्व भर में सिख कौम की विशिष्ट पहचान को और मजबूत करेगा।
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