चंडीगढ़, 12 जनवरी : न्यूज़ीलैंड में एक बार फिर सिखों के धार्मिक आयोजन नगर कीर्तन का विरोध सामने आया है। टौरंगा शहर में नगर कीर्तन को रोका तो नहीं गया, लेकिन इसके विरोध में स्थानीय चर्च से जुड़े लोग सड़कों पर उतर आए और माओरी हाका डांस कर विरोध जताया।
नगर कीर्तन को लेकर आपत्तियां
विरोध कर रहे लोगों ने सवाल उठाया कि नगर कीर्तन को गलियों से गुजरने की अनुमति किसने दी और सिख तलवारें क्यों लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इसका विरोध करेंगे और किसी को भी देश की संस्कृति बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने नगर कीर्तन में सिख निशान साहिब और झंडों पर आपत्ति जताई तथा सिख समुदाय के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस घटनाक्रम से इलाके में तनाव का माहौल बन गया, हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही।
गुरुद्वारे में धार्मिक कार्यक्रम, शांतिपूर्ण नगर कीर्तन
इससे पहले गुरुद्वारा सिख संगत, टौरंगा में अखंड पाठ के भोग डाले गए। नगर कीर्तन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक सजाया गया। पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। नगर कीर्तन शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ता रहा। स्वयंसेवकों ने सिख संगत से अपील की कि वे कतारों से बाहर न आएं और संयम बनाए रखें, जिससे किसी भी तरह की टकराव की स्थिति न बने।
एसजीपीसी और अकाली दल की प्रतिक्रिया
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए भारत सरकार से न्यूज़ीलैंड सरकार से बातचीत करने की अपील की है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर न्यूज़ीलैंड में नगर कीर्तन के विरोध पर गहरी चिंता जताई है।
इस घटना के बाद न्यूज़ीलैंड में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
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