मनाली, 17 जनवरी : हिमाचल प्रदेश में लंबे समय बाद मौसम ने करवट ली है। रोहतांग दर्रे समेत शिंकुला, बारालाचा और कुंजुम दर्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है। लाहौल घाटी में भी हल्की बर्फ की चादर बिछ गई है। बादल छाए रहने से मनाली घाटी में भी बर्फबारी की उम्मीद बढ़ गई है। प्रदेश के किसान और बागवान लंबे समय से बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे। मौसम में आए बदलाव से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
कई दर्रे सैलानियों के लिए बंद
कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के कारण रोहतांग, बारालाचा और कुंजुम दर्रे पहले से ही सैलानियों के लिए बंद हैं। वहीं शनिवार को बर्फबारी के चलते शिंकुला दर्रा भी पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। शिंकुला के पास जांस्कर समदो में भी बर्फ जम गई है। फिलहाल सैलानी दर्शा तक जा पा रहे हैं। हालात सामान्य होने तक जांस्कर समदो जाने की अनुमति केवल फोर-बाय-फोर (4×4) वाहनों को दी गई है। देव पाबंदी के चलते पर्यटन स्थल कोकसर भी सैलानियों के लिए बंद है, ऐसे में दर्शा और जांस्कर समदो ही पर्यटकों के लिए मुख्य विकल्प बने हुए हैं।
यांगला बना नया विकल्प
लाहौल घाटी का यांगला अब सैलानियों के लिए नया पर्यटन स्थल बनकर उभर रहा है। हालांकि यहां बर्फ कम है, लेकिन कोकसर और सिस्सू देव आदेश (धार्मिक मान्यता) के कारण फरवरी तक बंद रहेंगे। ऐसे में सैलानी इनकी जगह यांगला में बर्फ का आनंद ले सकेंगे। वीकेंड के चलते मनाली में सैलानियों की संख्या बढ़ गई है। बर्फ देखने की उम्मीद में दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। होटलों में 60 से 65 प्रतिशत तक बुकिंग चल रही है, जिससे छोटे-बड़े सभी होटलों में रौनक लौट आई है।
होटल एसोसिएशन का बयान
होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने कहा कि मौसम बदलने से बर्फबारी की उम्मीद जगी है। वीकेंड के कारण पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है। घाटी में बादल छाए हुए हैं और अगर मौसम मेहरबान रहा तो सैलानी मनाली के आसपास के इलाकों में ही बर्फ का आनंद ले सकेंगे।
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