नई दिल्ली, 7 मार्च : पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के सातवें दिन स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान “बिना शर्त आत्मसमर्पण” नहीं करता, तब तक किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है। इजराइली लड़ाकू विमानों ने ईरान की राजधानी तेहरान और लेबनान की राजधानी बेरूत पर भारी बमबारी की है। रिपोर्टों के मुताबिक अब तक ईरान में 1,200 से अधिक और लेबनान में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
ईरान के नेतृत्व में दखल की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में भी हस्तक्षेप कर सकता है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रूस ने ईरान को अमेरिकी युद्धपोतों पर हमला करने के लिए खुफिया जानकारी मुहैया करवाई है। इससे युद्ध के और अधिक फैलने का खतरा बढ़ गया है।
ईरान के जवाबी मिसाइल हमले
दूसरी ओर ईरान ने भी इजराइल और खाड़ी के कुछ अन्य देशों पर जवाबी मिसाइल हमले किए हैं। इसके चलते यरुशलम और बहरीन जैसे इलाकों में खतरे के सायरन बजने लगे हैं। कतर के ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि यह युद्ध जारी रहा तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। फिलहाल अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत पहले ही 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है।
मानवीय संकट गहराया
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार हालात बेहद चिंताजनक हैं। एक स्कूल पर हुए अमेरिकी हमले में 165 से अधिक लोगों की मौत की खबर है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
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