January 19, 2026

केंद्र सरकार का दावा : 2014 से भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ नहीं

केंद्र सरकार का दावा : 2014 से भारत-चीन सीमा...

नई दिल्ली, 19 जनवरी : मई 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुए हिंसक टकराव के पांच साल बाद केंद्र सरकार ने बड़ा दावा किया है। सरकार के अनुसार 2014 से 2025 के बीच भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ की कोई भी घटना दर्ज नहीं हुई है। गृह मंत्रालय (MHA) के मुताबिक, 2014 से 2024 तक भारत-चीन सीमा पर किसी भी तरह की घुसपैठ की रिपोर्ट नहीं मिली। वहीं, वर्ष 2025 में भी नवंबर तक ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई।

पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा पर हालात अलग

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत-पाकिस्तान सीमा पर 2014 से 2024 के बीच 425 घुसपैठ की घटनाएं दर्ज की गईं। नवंबर 2025 तक पश्चिमी सीमा पर 32 मामले सामने आए। भारत-बांग्लादेश सीमा पर 2014 से 2024 के दौरान 7,528 घुसपैठ की घटनाएं हुईं, जबकि जनवरी से नवंबर 2025 के बीच 1,082 मामले दर्ज किए गए।

गलवान संघर्ष से बढ़ा था तनाव

गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2020 को संसद को सूचित किया था कि पिछले छह महीनों में भारत-चीन सीमा पर कोई चीनी घुसपैठ नहीं हुई है। यह जानकारी उस समय दी गई थी, जब दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर बने तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे थे। मई 2020 में शुरू हुए सीमा विवाद के बाद 15 जून 2020 को लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस संघर्ष में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे, जबकि चीन की ओर से भी सैनिकों के हताहत होने की बात सामने आई थी।

गृह राज्य मंत्री का बयान

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 16 सितंबर 2020 को राज्यसभा में भाजपा सांसद अनिल अग्रवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा था कि
“पिछले छह महीनों के दौरान भारत-चीन सीमा पर किसी भी तरह की घुसपैठ की सूचना नहीं मिली है।” सरकार के दावे पर नजर केंद्र सरकार के इस दावे के बाद एक बार फिर भारत-चीन सीमा की स्थिति को लेकर बहस तेज होने की संभावना है, खासकर गलवान संघर्ष की पृष्ठभूमि में।

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