सोलन, 19 जनवरी : जब पूरी दुनिया एक सशक्त और भरोसेमंद स्वास्थ्य व्यवस्था की तलाश में आगे बढ़ रही है, ऐसे समय में भारत ने अपने ज्ञान, उद्योग और कड़ी मेहनत के दम पर वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बनाई है। आज भारत न केवल अपने नागरिकों की सेहत का ध्यान रख रहा है, बल्कि दुनिया के 175 देशों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
भारत आज सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी दवाओं के उत्पादन के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान भारत ने जिस तरह से वैक्सीन और दवाओं की आपूर्ति की, उससे उसकी विश्वसनीयता और क्षमता का लोहा पूरी दुनिया ने माना।
बद्दी बना एशिया का सबसे बड़ा फार्मा हब
हिमाचल प्रदेश का बद्दी क्षेत्र भारत की फार्मा शक्ति का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। यहां सैकड़ों फार्मास्युटिकल इकाइयां स्थापित हैं, जो देश ही नहीं बल्कि विदेशों के लिए भी दवाओं का निर्माण कर रही हैं। बद्दी ने एशिया के सबसे बड़े फार्मा हब के रूप में अपनी पहचान बनाकर हिमाचल प्रदेश को वैश्विक मानचित्र पर खास स्थान दिलाया है।
आत्मनिर्भर भारत से वैश्विक नेतृत्व तक
बद्दी की सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में केवल आत्मनिर्भर ही नहीं हुआ है, बल्कि वह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्वकर्ता की भूमिका भी निभा रहा है। आधुनिक तकनीक, कुशल मानव संसाधन और मजबूत औद्योगिक ढांचे के साथ भारत आने वाले समय में भी वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बना रहेगा।

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