नई दिल्ली, 26 जनवरी : वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताह में भी गोल्ड-सिल्वर की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है।
वैश्विक घटनाओं पर निवेशकों की नजर
कारोबारी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में ट्रेड टैरिफ से जुड़ी सुनवाई और फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर आने वाले फैसलों का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा निवेशकों की नजर 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 पर भी टिकी है, जिसमें आयात शुल्क में बदलाव से घरेलू सोना बाजार प्रभावित हो सकता है। जे.एम. फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के उपाध्यक्ष (कमोडिटी एवं करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर के अनुसार, “सोने की कीमतों में सकारात्मक रुझान बना रह सकता है।
यदि कीमतों में गिरावट आती है तो यह खरीदारी का अच्छा मौका होगा, क्योंकि अमेरिकी ट्रेड टैरिफ मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजर है।” उन्होंने बताया कि निवेशक अमेरिका, भारत और जर्मनी के महंगाई आंकड़ों, चीन के व्यापार व निवेश डेटा और फेडरल रिजर्व अधिकारियों की टिप्पणियों पर भी ध्यान देंगे।
MCX में कहां पहुंचा सोना-चांदी का भाव?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में पिछले सप्ताह सोने के वायदा भाव में 13,520 रुपये यानी 9.5% की तेजी आई। शुक्रवार को यह बढ़कर 1,59,226 रुपये प्रति 10 ग्राम के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल देखा गया। चांदी में 46,937 रुपये यानी 16.3% की तेजी आई और यह पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई।
सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी
एंजल वन के प्रथमेश माल्या ने कहा, “अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है। इसी कारण MCX पर सोना करीब 1.43 लाख रुपये से बढ़कर लगभग 1.6 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।” उन्होंने बताया कि अमेरिका द्वारा ईरान की ओर युद्धपोत भेजने और ईरानी तेल नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाने से बाजार में जोखिम और बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स (Comex) पर सोने के वायदा भाव में 384.3 डॉलर यानी 8.4% की तेजी आई और यह 4,991.40 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
इस दौरान चांदी की कीमतों में भी 12.7 डॉलर यानी 14.4% की बढ़त दर्ज की गई और यह पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर को पार कर 101.33 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।
ब्याज दरों में फिलहाल बदलाव की उम्मीद नहीं
प्रणव मेर के अनुसार, “फेडरल रिजर्व द्वारा इस महीने ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन कमजोर श्रम बाजार को देखते हुए इस साल कम से कम दो बार दरों में कटौती की उम्मीद है।” उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले निवेशकों ने सोने-चांदी की खरीद जारी रखी है। वहीं, 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को घरेलू बाजार (MCX) बंद रहेंगे।
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