नई दिल्ली, 4 फरवरी : अमेरिका के साथ हुए एक बड़े व्यापारिक समझौते के तहत भारत अब रूस से कच्चे तेल की खरीद को सीमित करने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के अनुसार, भारत ने रूसी तेल की खरीद कम करने और अमेरिका से ऊर्जा, तकनीक व कृषि उत्पादों का आयात बढ़ाने पर सहमति जताई है।
इस समझौते के बदले अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर लगने वाला टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही रूसी तेल की खरीद के कारण भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत का अतिरिक्त (प्यूनिटिव) टैरिफ भी हटा लिया गया है, जिससे भारत को बड़ी राहत मिलेगी।
पुराने करार पूरे, नए ऑर्डर नहीं
सरकारी सूत्रों के अनुसार भारतीय रिफाइनरियां पुराने समझौतों के तहत दिए गए ऑर्डर पूरे करेंगी, लेकिन नए ऑर्डर नहीं दिए जाएंगे। हालांकि नायरा एनर्जी (Nayara Energy) जैसी कुछ कंपनियों को, जिनके पास फिलहाल कोई वैकल्पिक आपूर्ति नहीं है, अस्थायी रूप से रूसी तेल खरीदने की छूट मिल सकती है।
अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद
समझौते के तहत भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने का वादा किया है। इसमें ऊर्जा, तकनीक और कृषि क्षेत्र के उत्पाद शामिल होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भारत की रूसी तेल पर निर्भरता घटेगी, जबकि अमेरिका और वेनेजुएला से तेल आयात में बढ़ोतरी होगी।
रणनीतिक साझेदारी को मजबूती
विश्लेषकों के अनुसार यह कदम न केवल भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से भी एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।
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