February 5, 2026

ईडी ने परल्स ग्रुप की करीब 2000 करोड़ रुपये की संपत्तियां कीं कुर्क

ईडी ने परल्स ग्रुप की करीब 2000 करोड़ ...

नई दिल्ली, 28 जनवरी : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में M/s PACL (परल्स एग्रो-टेक कॉरपोरेशन लिमिटेड) और उससे जुड़ी संस्थाओं की 1,986.48 करोड़ रुपये मूल्य की 37 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। ये संपत्तियां लुधियाना और जयपुर (राजस्थान) में स्थित हैं। यह कार्रवाई पीएसीएल द्वारा चलाई गई अवैध सामूहिक निवेश योजना से जुड़े बड़े पैमाने के वित्तीय घोटाले की चल रही जांच के तहत की गई है। यह जांच 19 फरवरी 2014 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा धारा 120-बी और 420 के तहत दर्ज मामले से संबंधित है।

60,000 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का आरोप

जांच में सामने आया है कि आरोपित संस्थाओं और व्यक्तियों ने कृषि भूमि की बिक्री और विकास के नाम पर देशभर के लाखों निवेशकों से 60,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम धोखाधड़ी से जुटाई। इसके लिए एक गैर-कानूनी सामूहिक निवेश योजना चलाई गई। निवेशकों को नकद और किस्तों के भुगतान प्लान के जरिए निवेश के लिए प्रेरित किया गया। उनसे कथित तौर पर समझौते, पावर ऑफ अटॉर्नी और अन्य भ्रामक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए।

ज्यादातर मामलों में जमीन नहीं मिली

अधिकांश मामलों में निवेशकों को कोई जमीन नहीं दी गई। जांच के अनुसार निवेशकों के लगभग 48,000 करोड़ रुपये अब भी अदायगी से बाहर हैं। अगली जांच में यह भी स्थापित हुआ कि निवेशकों से जुटाई गई राशि को विभिन्न संबंधित और गैर-संबंधित संस्थाओं के जरिए घुमाया गया और अंततः दिवंगत निर्मल सिंह भंगू, उनके परिवार के सदस्यों, सहयोगियों और पीएसीएल से जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों में जमा किया गया।

देश-विदेश में अब तक 7,589 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

इन फंड्स का इस्तेमाल कथित तौर पर आरोपियों के नाम पर अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया। ईडी अब तक भारत और विदेशों में स्थित संपत्तियों सहित करीब 7,589 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां कुर्क कर चुकी है।

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