February 4, 2026

भाजपा के सौरभ जोशी चंडीगढ़ के नए मेयर चुने गए

भाजपा के सौरभ जोशी चंडीगढ़ ...

चंडीगढ़, 29 जनवरी : चंडीगढ़ को नया मेयर मिल गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सौरभ जोशी चंडीगढ़ के मेयर चुने गए हैं। सौरभ जोशी भाजपा नेता मनीत जोशी के छोटे भाई हैं। सौरभ जोशी को 18 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार गुरप्रीत गाबी को 7 वोट प्राप्त हुए। इस बार कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (आप) से गठबंधन तोड़ने के बाद अपने उम्मीदवार उतारे थे। उम्मीद की जा रही थी कि अंतिम समय में कांग्रेस और ‘आप’ भाजपा की जीत को रोकने के लिए एकजुट हो सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भाजपा को अपने 18 पार्षदों का पूरा समर्थन प्राप्त था।

मेयर पद के लिए चुनाव मैदान में भाजपा से सौरभ जोशी, आम आदमी पार्टी से योगेश ढींगरा और कांग्रेस से गुरप्रीत सिंह गाबी थे।

किस उम्मीदवार को कितने वोट मिले?

  • कांग्रेस उम्मीदवार गुरप्रीत को 7 वोट
  • भाजपा उम्मीदवार सौरभ जोशी को 18 वोट
  • आम आदमी पार्टी उम्मीदवार योगेश ढींगरा को 11 वोट

पार्टीवार उम्मीदवार (मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर)

  • भाजपा: सौरभ जोशी, जस्मन सिंह, सुमन देवी
  • आप: योगेश ढींगरा, मुनव्वर खान, जसविंदर कौर
  • कांग्रेस: गुरप्रीत सिंह, सचिन गालव, निर्मला देवी

रात 8 बजे कांग्रेस पार्षदों के फोन बंद

कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने अपने घर पर पार्षदों के साथ बैठक की। बैठक में मेयर चुनाव के साथ-साथ आने वाले नगर निगम चुनावों पर भी चर्चा की गई। पार्षदों ने दोहराया कि वे मेयर चुनाव सहित तीनों पदों पर चुनाव लड़ेंगे और ‘आप’ का समर्थन नहीं करेंगे। रात 8 बजे के बाद कांग्रेस पार्षदों के फोन बंद हो गए।

‘आप’ की सुखना में लंच डिप्लोमेसी, तीन पार्षद नहीं पहुंचे

आम आदमी पार्टी के पार्षद बुधवार दोपहर सुखना झील पर लंच के लिए पहुंचे। ‘आप’ चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह और अध्यक्ष विजय पाल यादव की मौजूदगी में पार्षदों को सोलर क्रूज़ पर चर्चा करते देखा गया। हालांकि, तस्वीरों में केवल 6–7 पार्षद ही नजर आए, जिससे कई सवाल खड़े हुए। आपसी मतभेद और नाराजगी भी स्पष्ट दिखी। रामचंद्र यादव और जसबीर सिंह लाडी लंच में शामिल नहीं हुए, जबकि दमनप्रीत सिंह मौजूद थे।

दिनभर बनती रही रणनीति

चुनाव से पहले बुधवार को दिनभर राजनीतिक दल रणनीति बनाने में जुटे रहे। दिलचस्प बात यह रही कि कांग्रेस और ‘आप’ के पार्षद शहर में मौजूद थे, जबकि भाजपा पार्षद कई दिनों से पंचकूला में ठहरे हुए थे। बुधवार को भाजपा के चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े पंचकूला के रेड बिशप पहुंचे और सभी पार्षदों को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने व्यक्तिगत इच्छाओं और स्वार्थ से ऊपर पार्टी हित को रखने पर जोर दिया और असंतुष्टों को एकजुट किया। साथ ही भाजपा की नीतियों और प्रधानमंत्री के विज़न के उदाहरण देते हुए भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा की।

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