February 4, 2026

8 वर्षों बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री का चीन दौरा, ब्रिटेन–चीन रिश्तों में नई शुरुआत

8 वर्षों बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री का चीन...

बीजिंग, 30 जनवरी : कई वर्षों की तल्ख़ी और मतभेदों के बाद अब ब्रिटेन और चीन के संबंधों में नरमी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने गुरुवार को बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। यह 8 वर्षों में किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की पहली चीन यात्रा है, जिसे कूटनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

वैश्विक स्थिरता पर जोर

मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री स्टारमर ने कहा कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात में दुनिया की स्थिरता के लिए ब्रिटेन और चीन का मिलकर काम करना जरूरी है। उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से वैश्विक स्थिरता, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक मुद्दों पर दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

ब्रिटेन की सुस्त अर्थव्यवस्था बना दौरे का कारण

स्टारमर की इस यात्रा के पीछे ब्रिटेन की धीमी घरेलू अर्थव्यवस्था को प्रमुख कारण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री चीन में ब्रिटिश कंपनियों के लिए नए व्यापारिक अवसर तलाश रहे हैं, ताकि निवेश और निर्यात को बढ़ावा मिल सके। इस दौरे में प्रधानमंत्री स्टारमर के साथ 50 से अधिक कारोबारी नेता और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करना है।

अमेरिकी नीतियों से बढ़ी वैश्विक व्यापार की जटिलता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई सख़्त फैसलों ने वैश्विक व्यापार में नई जटिलताएं पैदा कर दी हैं। ऐसे में दुनिया के कई देश वैकल्पिक व्यापारिक रास्तों और साझेदारियों की तलाश में हैं। स्टारमर इस महीने बीजिंग जाने वाले अमेरिका के किसी सहयोगी देश के चौथे नेता हैं। इससे पहले दक्षिण कोरिया, कनाडा और फिनलैंड के नेता भी चीन का दौरा कर चुके हैं। वहीं, जर्मनी के चांसलर के अगले महीने चीन आने की संभावना जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा न केवल ब्रिटेन–चीन संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत है, बल्कि वैश्विक राजनीति और व्यापार में बदलते समीकरणों की भी स्पष्ट झलक देता है।

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