चंडीगढ़, 30 जनवरी : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के कथित रूप से लापता 328 पावन सरूपों के मामले की जांच कर रही पंजाब सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) को संबंधित रिकॉर्ड सौंप दिया है। यह कार्रवाई गुरुवार दोपहर करीब दो बजे चंडीगढ़ स्थित SGPC के उप कार्यालय में हुई। विशेष जांच टीम, जिसका नेतृत्व जगतप्रीत सिंह कर रहे हैं, रिकॉर्ड हासिल करने के लिए पूरी तैयारी के साथ पहुंची थी। टीम अपने साथ फोटोकॉपी मशीन और प्रिंटर भी लेकर आई थी, ताकि जरूरत पड़ने पर दस्तावेजों की प्रतियां तुरंत तैयार की जा सकें।
अध्यक्ष एडवोकेट धामी रहे मौजूद
रिकॉर्ड सौंपे जाने की प्रक्रिया के दौरान शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी भी मौजूद रहे। SGPC स्टाफ ने अध्यक्ष की उपस्थिति में SIT को संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की फोटोकॉपी उपलब्ध करवाई। जानकारी के अनुसार SIT की टीम करीब तीन घंटे तक SGPC के उप कार्यालय में मौजूद रही। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले, बुधवार को भी SP (D) गुरबंस सिंह बैंस की अगुवाई में टीम यहां पहुंची थी, लेकिन उस दिन कोई रिकॉर्ड नहीं सौंपा गया था।
धामी बोले: यह बेअदबी नहीं
SGPC अध्यक्ष एडवोकेट धामी ने स्पष्ट किया कि यह मामला बेअदबी से जुड़ा नहीं है और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन सरूप लापता नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का मामला है, जिसकी पहले ही श्री अकाल तख्त साहिब की अगुवाई में जांच हो चुकी है और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है।
जरूरत पड़ी तो और रिकॉर्ड भी दिए जाएंगे
धामी ने कहा कि SIT को आवश्यक रिकॉर्ड सौंप दिया गया है और यदि जांच टीम को आगे और किसी दस्तावेज या रिकॉर्ड की जरूरत पड़ी तो वह भी उपलब्ध करवाया जाएगा। गौरतलब है कि 328 पावन सरूपों के लापता होने का मामला कई वर्षों से चर्चा में है। SGPC के कुछ पूर्व कर्मचारियों द्वारा लंबे समय से उच्च स्तरीय जांच की मांग की जा रही थी। मौजूदा सरकार ने हाल ही में इस मामले में केस दर्ज कर जगतप्रीत सिंह की अगुवाई में SIT का गठन किया है।
मुख्यमंत्री के बयान से गरमाई सियासत
श्री मुक्तसर साहिब में माघी मेले के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बंगा के पास एक डेरे में बड़ी संख्या में सरूप होने का बयान दिया था। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई। डेरे के प्रमुखों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि वहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सरूप मर्यादा के अनुसार सुशोभित हैं।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता डेरे पहुंचे। वहीं बंगा से विधायक सुखविंदर सुखी ने विरोध स्वरूप पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे मामला और अधिक तूल पकड़ गया।
यह भी देखें : पंजाब सरकार कर्मचारियों की जायज़ मांगों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध: डॉ. रवजोत सिंह

More Stories
मुख्यमंत्री मान का डेरा सियासत पर तंज, एक्स पोस्ट से मचा सियासी हलचल
हाईकोर्ट से पंजाब सरकार को झटका, नगर निगम–नगर काउंसिल चुनावों पर रोक
बिक्रम सिंह मजीठिया जेल से रिहा, समर्थकों ने समर्थन में की जमकर नारेबाजी