नई दिल्ली, 1 फरवरी : सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। आज रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा, जिसके चलते भारत का कमोडिटी बाजार, एमसीएक्स, विशेष रूप से खुला रहेगा। आज सुबह की शुरुआत में ही चांदी की कीमत 25 हजार रुपये से अधिक और सोने की कीमत 10 हजार रुपये से अधिक गिर गई है। ऐसे में निवेशकों की निगाहें बजट पर टिकी हुई हैं, खासकर उन कस्टम ड्यूटी और आयात शुल्क पर जो सोना और चांदी पर लागू होते हैं।
धातुओं के आयात पर बढ़ेगा शुल्क?
भारत में सोने और चांदी का आयात वर्ष 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे सरकार और नीति निर्माताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं। कीमती धातुओं की बढ़ती कीमतें देश के व्यापार घाटे को और बढ़ा सकती हैं, साथ ही रुपये पर भी दबाव डाल सकती हैं। सरकार के पास सीमित विकल्प हैं, लेकिन आयात शुल्क बढ़ाना एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में विचाराधीन है। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सरकार इस दिशा में कदम उठाने की योजना बना रही है, जिससे आयात शुल्क में वृद्धि की संभावना बनती है।
क्या पड़ेगा सोना-चांदी पर असर?
अगर सरकार आयात शुल्क में कमी करती है तो सोने और चांदी की कीमत में और गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसा साल 2024 में हो चुका है। उस समय सरकार ने कस्टम ड्यूटी को 15% से घटाकर 6% कर दिया था। उसके बाद सोने की कीमत कुछ ही देर में 5 हजार रुपये से ज्यादा तक गिर गई थी। वहीं अगर बजट में आयात शुल्क बढ़ाने की घोषणा होती है तो इन दोनों धातुओं की कीमत में तेजी आ सकती है।
यह भी देखें : केंद्रीय बजट 2026-27: विकास, अनुशासन और वैश्विक चुनौतियों पर फोकस

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