नई दिल्ली, 1 फरवरी : अरबपति उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी अमेरिकी सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) द्वारा दायर दीवानी धोखाधड़ी के मामले में कानूनी नोटिस स्वीकार करने के लिए तैयार हो गए हैं। यह जानकारी एक अदालती दस्तावेज से सामने आई है। इस मामले में आरोप है कि गौतम अदाणी और सागर अदाणी ने रिश्वत देने की कथित योजना को लेकर निवेशकों को गुमराह किया। एसईसी का कहना है कि इस दौरान अमेरिकी सिक्योरिटी कानूनों का उल्लंघन किया गया।
ब्रुकलिन की संघीय अदालत में दाखिल दस्तावेज
न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित संघीय अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, एसईसी और अदाणी पक्ष के अमेरिका स्थित वकीलों के बीच कानूनी दस्तावेज स्वीकार करने पर सहमति बन गई है। इससे अब जज को यह तय करने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि नोटिस किस तरह तामील कराया जाए।
यह संयुक्त अर्जी अदालत की मंजूरी के लिए पेश की गई है। यदि जज सहमति देते हैं, तो एसईसी को मामला आगे बढ़ाने की अनुमति मिल जाएगी। इसके बाद अदाणी पक्ष को 90 दिनों के भीतर या तो केस खारिज करने की मांग करने या अपना बचाव पेश करने का अवसर मिलेगा।
एसईसी को जवाब देने के लिए मिलेंगे 60 दिन
अदाणी की ओर से जवाब दाखिल किए जाने के बाद एसईसी को अगले 60 दिनों के भीतर उस पर आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार होगा। गौरतलब है कि एसईसी ने यह मामला नवंबर 2024 में दर्ज किया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि अदाणी और सागर अदाणी ने अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) से जुड़े झूठे और भ्रामक विवरण देकर अमेरिकी सिक्योरिटी कानूनों का उल्लंघन किया।
रिश्वत के गंभीर आरोप भी शामिल
एसईसी की दीवानी शिकायत के अलावा न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में संघीय अभियोजकों ने आरोप लगाया है कि अदाणी और अन्य लोगों ने भारत में सोलर ऊर्जा से जुड़े ठेके हासिल करने के लिए 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत देने में मदद की। अदाणी समूह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बार-बार खारिज किया है और इन्हें बेबुनियाद बताया है।
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