नई दिल्ली, 5 फरवरी : संसद के बजट सत्र के दौरान दोनों सदनों में लगातार हंगामे का माहौल बना हुआ है। बुधवार को विपक्षी सांसदों के भारी शोर-शराबे के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन देर से शुरू हुआ। इसके बाद गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए विपक्ष पर तीखा प्रहार किया।
प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान विपक्षी सांसद लगातार नारेबाज़ी करते रहे और अंततः सदन से वॉकआउट कर गए। इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता द्वारा एक केंद्रीय मंत्री को “ग़द्दार” कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे सिख समुदाय का अपमान बताया।
खड़गे पर तंज, युवाओं की सराहना
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश तेज़ी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर हल्के-फुल्के अंदाज़ में टिप्पणी करते हुए कहा कि वे बैठकर भी नारे लगा सकते हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पीएम मोदी ने देश के युवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज का युवा भारत को आगे ले जा रहा है और हर लक्ष्य को प्राप्त करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि भारत हर दिन और अधिक आत्मविश्वासी और ज्वान होता जा रहा है।
भारत की वैश्विक छवि मज़बूत
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया भर में भारत के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। भारत आज वैश्विक चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत कर रहा है, उसकी अर्थव्यवस्था तेज़ी से आगे बढ़ रही है और हर क्षेत्र में देश विश्वास के साथ प्रगति कर रहा है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीता वर्ष “विकसित भारत” की दिशा में तेज़ प्रगति का वर्ष रहा है। समाज के हर वर्ग—मध्य वर्ग, गरीब, किसान, महिलाएं, युवा, विज्ञान और तकनीक—सबके जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं।
21वीं सदी की दूसरी तिमाही निर्णायक
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी की पहली तिमाही पूरी हो चुकी है और दूसरी तिमाही भी उतनी ही निर्णायक साबित होगी, जैसे पिछली सदी में स्वतंत्रता संग्राम का दौर था। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कालखंड विकसित भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि देश एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है, अब न रुकने का समय है और न ही पीछे मुड़ने का। लक्ष्य प्राप्ति तक तेज़ गति से आगे बढ़ना ही भारत की पहचान बनेगी।

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