February 5, 2026

दिल्ली विधानसभा ने पंजाब के अधिकारियों से 12 फरवरी तक जवाब मांगा

दिल्ली विधानसभा ने पंजाब के अधिकारियों से...

नई दिल्ली, 5 फरवरी : दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने गुरुवार को आलोक शेखर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह-II शाखा), डीजीपी गौरव यादव और जालंधर की पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि वे आतिशी की एक कथित वीडियो से संबंधित एफआईआर दर्ज किए जाने के मामले में 12 फरवरी से पहले विशेषाधिकार समिति (कमेटी ऑफ प्रिविलेजेज) के समक्ष अपना जवाब दाखिल करें।

विशेषाधिकार उल्लंघन का मामला

दिल्ली विधानसभा के स्पीकर ने सिख गुरुओं के खिलाफ कथित टिप्पणियों से जुड़े चल रहे मामले में पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार उल्लंघन और मानहानि का प्रथम दृष्टया (प्राइमा फेसाई) मामला पाया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, स्पीकर ने पंजाब पुलिस अधिकारियों की कार्रवाइयों, उनके जवाबों और कुछ दस्तावेज साझा करने से इनकार की जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि विशेषाधिकारों का उल्लंघन हुआ प्रतीत होता है।

विशेषाधिकार समिति को सौंपी गई जांच

परिणामस्वरूप, स्पीकर ने दिल्ली सरकार के कानून एवं न्याय मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पंजाब पुलिस अधिकारियों के आचरण की जांच कराने और रिपोर्ट देने के निर्देशों के साथ इस मामले को दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति को भेज दिया है। यह शिकायत 2 फरवरी को नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा सिख गुरुओं के बारे में की गई कथित टिप्पणियों से संबंधित है।

दस्तावेजों की दोबारा मांग

विधानसभा सचिवालय ने यह भी बताया कि पहले मांगी गई कुछ जानकारियां और दस्तावेज अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं, जबकि पंजाब के पुलिस महानिदेशक द्वारा 28 जनवरी के पत्रों के माध्यम से संबंधित कार्यालय को भेजे जाने का उल्लेख किया गया था। अब इन दस्तावेजों को शिकायतों पर लिखित टिप्पणियों सहित 12 फरवरी तक जमा कराने का पुनः अनुरोध किया गया है। विशेषाधिकार समिति से अपेक्षा की जा रही है कि वह इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर स्पीकर के निर्देशों के अनुसार दिल्ली विधानसभा को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

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