नई दिल्ली, 6 फरवरी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के न्यू स्टार्ट (New START) परमाणु हथियार नियंत्रण समझौते को एक साल के लिए बढ़ाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियार नियंत्रण से जुड़ी रणनीतिक हथियार कटौती संधि (START) पर पहली बार 1991 में हस्ताक्षर किए गए थे। इसके बाद 2010 में न्यू स्टार्ट समझौते पर सहमति बनी थी। यह संधि 5 फरवरी को समाप्त हो गई।
क्या ट्रंप ने पुतिन का प्रस्ताव ठुकरा दिया?
न्यू स्टार्ट को आगे बढ़ाने के बजाय, ट्रंप ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा,
“हमें अपने परमाणु विशेषज्ञों को एक नई, बेहतर और आधुनिक संधि पर काम करने की अनुमति देनी चाहिए, जो भविष्य में लंबे समय तक टिके।”
ट्रंप ने यह प्रतिक्रिया पुतिन के उस प्रस्ताव पर दी, जिसमें केवल 2010 के न्यू स्टार्ट समझौते को एक साल के लिए बढ़ाने की मांग की गई थी। यह समझौता रणनीतिक परमाणु हथियारों की संख्या को 1,550 वारहेड्स और 700 डिलीवरी सिस्टम (मिसाइलें, लड़ाकू विमान और पनडुब्बियां) तक सीमित करता है।
ट्रंप का क्या इरादा है?
शुक्रवार को जिनेवा में एक सम्मेलन के दौरान, हथियार नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के लिए अमेरिका के अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट थॉमस डिनन ने कहा कि न्यू स्टार्ट को बढ़ाने से अमेरिका या दुनिया को कोई विशेष लाभ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते में कई कमियां हैं और इसमें चीन को शामिल नहीं किया गया है। इसलिए एक नए हथियार नियंत्रण समझौते की आवश्यकता है।
वहीं, कई विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह संधि पूरी तरह समाप्त हो जाती है, तो इससे वैश्विक हथियारों की दौड़ शुरू हो सकती है।

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