नई दिल्ली, 7 फरवरी : अमेरिका और रूस के बीच नई START संधि, जो रणनीतिक हथियारों की कमी से जुड़ी थी, की अवधि समाप्त हो गई है। इस संधि की समाप्ति ने वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। अमेरिका और रूस के बीच यह समझौता 2010 में हस्ताक्षरित किया गया था और इसे 2026 तक बढ़ाया गया था। अब 5 फरवरी, 2026 को, दोनों देशों के बीच यह समझौता समाप्त हो गया है।
नई START संधि की समाप्ति से असुरक्षा बढ़ी
नई START संधि 5 फरवरी, 2011 को लागू की गई थी। इसकी वैधता 10 वर्ष थी, इसलिए यह संधि 5 फरवरी, 2021 को समाप्त हो जानी थी। बाद में दोनों देशों की सहमति से इसे 5 और वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया, जिससे यह संधि अब 5 फरवरी, 2026 को समाप्त हो गई।
रूस ने आधिकारिक बयान जारी किया
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, “दोनों पक्ष अब संधि के प्रावधानों से बंधे नहीं हैं और अपने अगले कदमों का फैसला करने के लिए स्वतंत्र हैं।” मंत्रालय ने आगे कहा कि रूस रणनीतिक स्थिति को स्थिर करने के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयासों के लिए खुला है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि 5 फरवरी को संधि की अवधि समाप्त होने के बाद परमाणु हथियारों की सीमा पर स्वैच्छिक रोक बढ़ाने की रूस की पहल पर अमेरिका से कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।
क्या दोनों देशों के बीच कोई नई संधि होगी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2026 में कहा था कि वे संधि की समाप्ति को लेकर चिंतित नहीं हैं। ट्रंप ने यह भी उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष एक नई संधि पर पहुँच जाएंगे। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस स्थिति को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि यह लंबे समय में पहली बार है जब दोनों देशों के बीच रणनीतिक परमाणु हथियारों पर कोई रोक नहीं है, जबकि उनके पास संयुक्त रूप से दुनिया के अधिकांश परमाणु हथियार हैं।

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