नई दिल्ली, 4 अप्रैल : अमेरिका के इंडियाना राज्य में लागू नए कानून के तहत 1,790 ‘नॉन-डोमिसाइल्ड’ कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) रद्द कर दिए गए हैं। यह फैसला 1 अप्रैल से प्रभावी हुआ, जिससे हजारों विदेशी ट्रक ड्राइवरों, खासकर पंजाबी सिख समुदाय, के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। इन प्रभावित ड्राइवरों में बड़ी संख्या पंजाबी सिखों की है, जो लंबे समय से अमेरिका में ट्रकिंग के जरिए अपनी आजीविका कमा रहे थे। इस फैसले से न केवल उनकी आय पर असर पड़ा है, बल्कि उनके परिवारों और पूरे समुदाय की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है।
नए कानून में सीमित वीजा धारकों को ही अनुमति
‘हाउस एनरोल्ड एक्ट 1200’ के तहत अब केवल तीन प्रकार के वीजा धारकों H-2A (कृषि श्रमिक), H-2B (अस्थाई श्रमिक) और E-2 (संधि निवेशक) को ही कमर्शियल लाइसेंस रखने की अनुमति दी गई है। अन्य विदेशी नागरिकों के CDL अब मान्य नहीं होंगे, भले ही उनके पास वैध वर्क परमिट हो। इंडियाना सरकार ने यह कदम हाल में हुई गंभीर सड़क दुर्घटनाओं के बाद उठाया है। अधिकारियों के मुताबिक, भारी कमर्शियल ट्रक सड़क पर ‘मिसाइल’ की तरह होते हैं, इसलिए ड्राइवरों की जांच, अंग्रेजी भाषा का ज्ञान और सख्त प्रशिक्षण जरूरी है।
दुर्घटना के बाद तेज हुई कार्रवाई
हेंड्रिक्स काउंटी में भारतीय मूल के ड्राइवर सुखदीप सिंह से जुड़े एक गंभीर हादसे के बाद इस कानून को लेकर बहस तेज हो गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई। बीएमवी के अधिकारियों के अनुसार प्रभावित ड्राइवरों को 16 मार्च को नोटिस भेजे गए थे। उन्हें अब अपने लाइसेंस को सामान्य ड्राइविंग लाइसेंस में बदलने या कानूनी अपील करने का विकल्प दिया गया है। यह फैसला जहां सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है, वहीं इससे हजारों प्रवासी ड्राइवरों के रोजगार और भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह भी देखें : संजीव बालियान समक्ष भगवंत मान की पी.एम. पर टिप्पणी से गर्माई सियासत

More Stories
फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज सेल 9 अक्टूबर से होगी शुरू, iPhone 17 पर बड़ा डिस्काउंट, नई कीमत आई सामने
आजमगढ़ में पत्नी बेटे और दो पुजारियों की हत्या करने वाला आरोपी एनकाउंटर में ढेर
यूपी की 10 और उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट पर चुनाव का ऐलान, 16 अक्टूबर को वोटिंग