नई दिल्ली, 12 फरवरी : भारत ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के बड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने गुरुवार को इस प्रारंभिक प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। इस सौदे की अनुमानित लागत करीब ₹3.25 लाख करोड़ बताई जा रही है। यह समझौता फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन के साथ किया जाएगा और दोनों देशों के बीच व्यावसायिक तथा तकनीकी बातचीत जल्द शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही 6 P-8I समुद्री निगरानी विमानों की खरीद को भी स्वीकृति दी गई है।
वायुसेना की घटती स्क्वाड्रन ताकत बनी चिंता
यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब भारतीय वायुसेना (IAF) की स्क्वाड्रन संख्या घटकर 29 रह गई है, जबकि स्वीकृत संख्या 42 है। पिछले कुछ महीनों में पुराने विमानों की सेवानिवृत्ति के कारण यह कमी और गंभीर हो गई है। कई अन्य बेड़े भी जल्द सेवा से बाहर होने वाले हैं। सितंबर में भारत ने अपने पुराने मिग-21 विमानों को पूरी तरह सेवा से हटा दिया। इसके अलावा मिग-29, जगुआर और मिराज-2000 के शुरुआती संस्करणों को भी चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना है। इससे लड़ाकू विमानों की कमी और गहराने की आशंका है।
बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच मजबूती की जरूरत
पड़ोसी देशों के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए सैन्य आधुनिकीकरण की आवश्यकता और तेज हो गई है। ऐसे में 114 नए राफेल जेट भारतीय वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा करेंगे। गौरतलब है कि भारत ने 2016 में फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदे थे, जो फिलहाल पूरी तरह ऑपरेशनल हैं।
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा दे रही है। पहले भारत रक्षा उपकरणों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर था, लेकिन अब आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। राफेल सौदे में भी ‘मेक इन इंडिया’ को प्रमुखता दी जाएगी। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ विमान फ्रांस से सीधे उड़ान-योग्य स्थिति में आएंगे, जबकि शेष विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। इसमें भारतीय कंपनियां भी भागीदार होंगी।
तेजस परियोजना भी अहम
स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस ने पिछले दशक में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। तेजस पुराने मिग-21 विमानों की जगह ले रहा है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को 180 तेजस Mk-1A विमानों का ऑर्डर मिल चुका है। हालांकि, GE एयरोस्पेस की इंजन सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों के कारण इनकी डिलीवरी अभी शुरू नहीं हो सकी है।
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