चंडीगढ़, 14 फरवरी : चंडीगढ़ में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शनिवार से 25 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी। इन बसों को प्रधानमंत्री Narendra Modi गुवाहाटी से वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये बसें ‘पीएम ई-बस सेवा योजना’ के तहत चंडीगढ़ को मिली हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य प्रमुख रूटों पर हर 10 मिनट में बस उपलब्ध कराना है। वर्तमान में कई रूटों पर बसों के आने में 5 से 30 मिनट का अंतर है, जिसे कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
कुल 100 ई-बसों को मिली मंजूरी
केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के लिए कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी है। इनमें से 25 बसें पहुंच चुकी हैं। फरवरी के अंत तक 25 और तथा मार्च-अप्रैल तक शेष 50 बसें मिलने की उम्मीद है। नवंबर 2025 में 15 साल पुरानी 85 डीजल बसों को सड़कों से हटा दिया गया था, जिससे परिवहन व्यवस्था में कमी आ गई थी। नई ई-बसें इस कमी को पूरा करेंगी और मुख्य रूप से लोकल रूटों पर चलाई जाएंगी। इससे ट्राइसिटी के यात्रियों को विशेष राहत मिलेगी।
मेट्रो फैसले तक बस सेवा ही विकल्प
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के अनुसार मेट्रो प्रोजेक्ट पर अंतिम निर्णय होने तक ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए बस सेवा को मजबूत करना सबसे व्यवहारिक विकल्प है। 15 मीटर लंबी ये एसी बसें एक बार फुल चार्ज होने पर 224 किलोमीटर तक चल सकती हैं। इनमें 36 यात्रियों के बैठने और 20 के खड़े होने की क्षमता है। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टॉप पुश बटन और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं।
दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधा
इन बसों में दिव्यांग यात्रियों के लिए ऑटोमैटिक रैंप और लो-फ्लोर डिजाइन (फर्श की ऊंचाई मात्र 400 मिलीमीटर) की व्यवस्था की गई है, जिससे चढ़ने-उतरने में कोई परेशानी न हो। गौरतलब है कि शहर में पहले से करीब 80 ई-बसें सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं, और नई बसों के जुड़ने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
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