गुरदासपुर, 16 फरवरी : गुरदासपुर जिले के गांव गाहलड़ी की पंचायत द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पूरे पंजाब में चिन्हित 85 स्थानों पर खनन गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। नई दिल्ली स्थित एनजीटी की प्रधान पीठ ने यह आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक किसी भी स्थल पर नदी से रेत-बजरी निकालने की अनुमति नहीं होगी।
टेंडर प्रक्रिया जारी, पर खनन कार्य पर रोक
पंजाब सरकार के जल संसाधन विभाग ने पिछले वर्ष इन 85 स्थानों की पहचान की थी और हाल ही में यहां से रेत-बजरी निकालने के लिए टेंडर नोटिस जारी किए थे। एनजीटी ने अपने आदेश में कहा, “भले ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़े, लेकिन नदी सामग्री का वास्तविक उत्खनन शुरू नहीं किया जाएगा।” गाहलड़ी पंचायत के वकील ने दलील दी कि चूंकि खनन कार्य व्यावसायिक उद्देश्य से किया जाना है, इसलिए पर्यावरण संबंधी वैधानिक मंजूरियां लेना अनिवार्य है। पंचायत ने यह भी तर्क दिया कि गांव नदी के निचले हिस्से में स्थित है और बड़े पैमाने पर खुदाई होने से ग्रामीणों की कृषि भूमि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
बाढ़ से जुड़ी आशंकाएं
गांववासियों ने अदालत को बताया कि अगस्त और सितंबर 2025 में पंजाब के कई इलाकों में आई भीषण बाढ़ से भारी नुकसान हुआ था। उनका मानना है कि अवैध खनन के कारण नदी तटबंध कमजोर हो गए थे, जिससे बाढ़ की तबाही और बढ़ गई। खनन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि विभाग एनजीटी के लिखित आदेशों का विस्तृत अध्ययन करने के बाद ही इस मामले में कोई आधिकारिक टिप्पणी करेगा। यह आदेश पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीणों के हितों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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