बठिंडा, 19 फरवरी : जेल में बंद गांव जिऊंद के किसान नेता शगनप्रीत सिंह और गांव चाऊके के बलदेव सिंह की रिहाई की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (एकता) उगराहां द्वारा आज बठिंडा में प्रस्तावित धरने से पहले जिऊंद गांव में किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। जानकारी के अनुसार, किसान गांव की सथ में बैठक कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने की कोशिश की। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जिससे कई किसान घायल हो गए। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
डीसी कार्यालय के बाहर धरना नहीं लग सका
प्रशासन की सख्ती के चलते बठिंडा के डीसी कार्यालय के बाहर प्रस्तावित धरना नहीं लग सका। घटनास्थल पर पहुंचे डीएसपी गुरप्रीत सिंह ने किसान नेताओं से बातचीत कर माहौल शांत करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस बल पीछे हट गया। सूत्रों के अनुसार, सुबह गांव महिमा सरजा और बुर्ज महिमा के कुछ किसानों को भी हिरासत में लिया गया था।
सरकार पर गंभीर आरोप
यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष झंडा में जेठूके, जिला प्रधान शिंगारा सिंह मान और जनरल सचिव हरविंदर सिंह बग्गी ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में खड़ी है और किसानों को लगातार दबाने की कोशिश कर रही है। किसानों ने पुलिस पर कथित रूप से गोलियां चलाने का भी आरोप लगाया, हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।
यह भी देखें : अगर रिहा ही करना था तो किसानों पर जोर-जबर्दस्ती क्यों: उगराहां

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