लुधियाना, 20 फरवरी : लुधियाना में आयोजित किला रायपुर ग्रामीण खेल मेले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि नशों के खात्मे के लिए खेल सबसे बेहतर विकल्प हैं। उन्होंने कहा कि युवा यदि खेल मैदानों में पसीना बहाएंगे तो वे नशे की दलदल में फंसने से बचेंगे और अपने परिवार व प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार 3200 नए खेल स्टेडियम बनाने के साथ-साथ खेल बजट में भी बढ़ोतरी कर रही है, ताकि युवाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
नई खेल नीति 2023 से बदलेगा खेलों का परिदृश्य
मुख्यमंत्री ने नई खेल नीति 2023 को प्रदेश में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने वाला अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस नीति के तहत हर गांव में स्टेडियम बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आयोजित ‘खेडां वतन पंजाब दीआं’ के तीन सफल सीजन पूरे हो चुके हैं, जिनमें एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों ने भाग लेकर मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के ठोस प्रयासों के चलते पंजाब आज खेलों में देश की अगुवाई कर रहा है और भारतीय टीमों के कई कप्तान पंजाब से हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर राज्य और देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान शुरू किया हुआ है और खेल इस मुहिम का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से खेलों को अपनाने की अपील की।
बैलगाड़ी दौड़ फिर से शुरू होने का रास्ता साफ
किला रायपुर खेलों को ग्रामीण संस्कृति और विरासत की झलक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेलों की विश्व स्तर पर पहचान है। लंबे समय से बैलगाड़ी दौड़ को दोबारा शुरू करने की मांग की जा रही थी। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई 2025 को Punjab Legislative Assembly में ‘जानवरों पर अत्याचार निवारण (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2025’ सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिससे बैलगाड़ी दौड़ दोबारा शुरू करने का रास्ता साफ हुआ।
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