न्यूयॉर्क, 6 मार्च : ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट (वेवर) देने की घोषणा की है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऊर्जा एजेंडे के कारण तेल उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर है, लेकिन वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पहले से समुद्र में फंसे तेल के लिए ही छूट
स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया कि यह एक सोचा-समझा फैसला है और इससे रूस को कोई बड़ा आर्थिक फायदा नहीं होगा, क्योंकि यह छूट केवल उस तेल के लेन-देन पर लागू होगी जो पहले से समुद्री मार्ग में फंसा हुआ है। अमेरिकी प्रशासन ने भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए उम्मीद जताई है कि नई दिल्ली आने वाले समय में अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगी।
पहले लगाया गया था 25 प्रतिशत टैरिफ
गौरतलब है कि रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने पहले भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। हालांकि पिछले महीने एक अंतरिम व्यापार समझौते के बाद यह टैरिफ हटा लिया गया। इस छूट का मुख्य उद्देश्य ईरान की ओर से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को कम करना है। वहीं भारत ने भी रूस पर अपनी निर्भरता घटाकर अमेरिकी ऊर्जा उत्पादों को अपनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
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