चंडीगढ़, 11 मार्च : शिरोमणि अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया ने आज विधानसभा में बेहद सलीके और शांत अंदाज में सत्तापक्ष पर निशाना साधा। उनके भाषण की सदन में काफी चर्चा और सराहना भी हुई। आमतौर पर सदन में शांत रहने वाली गनीव कौर का यह पहला अवसर था जब उन्होंने इतने मुखर अंदाज में अपनी बात रखी।
‘बीबा जी’ कहे जाने पर हंसी का मुद्दा उठाया
जब सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पर बहस चल रही थी, तब स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने गनीव कौर को संबोधित करते हुए कहा, “हां बीबा जी, आप बोलिए।” इस पर सत्तापक्ष की कुछ महिला विधायकों के हंसने पर गनीव कौर ने कहा कि “उधर बैठी बहनों ने बीबियों का पक्ष लिया है, वे मेरी बात भी सुनेंगी।” उन्होंने कहा कि “बीबा जी” कहने पर हंसना क्या महिलाओं का सम्मान है?
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने भी महिलाओं को लेकर टिप्पणी कर मजाक उड़ाया है। जब ‘आप’ की महिला विधायकों ने बीच में टोकने की कोशिश की तो गनीव कौर ने कहा, “मेरी बहन जी, अब मुझे बोलने दीजिए।”
फर्जी मुठभेड़ों और महिलाओं के मुद्दे उठाए
गनीव कौर ने कहा कि जो लोग मुठभेड़ों में मारे गए हैं, वे भी किसी मां के बेटे हैं। क्या उन्हें न्याय मिला? उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर हुए कथित अत्याचार का मुद्दा भी उठाया। हालांकि उन्होंने सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ सीधे तौर पर कुछ कहने से परहेज किया।
आम आदमी पार्टी विधायक से हुई नोकझोंक
कुछ समय बाद ‘आप’ विधायक मनजीत सिंह बिलासपुर ने गनीव कौर की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब अमृतसर में अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए खड़े एक एएसआई पर हमला हुआ था, तब अकाली दल की सरकार थी। इस पर जवाब देते हुए गनीव कौर ने कहा, “आप अपनी बात कीजिए, हमारी सरकार को गए काफी समय हो चुका है।” कांग्रेस की महिला विधायक अरुणा चौधरी ने भी आज सत्तापक्ष पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि जब सुखपाल सिंह खैरा सदन में आएं, तब जो फैसला लेना है ले लिया जाए। उन्होंने कहा कि जब शिक्षकों पर पानी की बौछारें की जाती हैं और महिला शिक्षकों को घसीटा जाता है, क्या यही महिलाओं का सम्मान है? उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है।
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