लुधियाना, 21 मार्च : भगवंत सिंह मान ने पंजाब की खेती को नई दिशा देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को “अगली बड़ी क्रांति” बताया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती अब अपनी सीमाओं तक पहुंच चुकी है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए तकनीक का सहारा लेना जरूरी हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटते मुनाफे के कारण खेती अब लाभकारी नहीं रही। ऐसे में AI तकनीक किसानों को सही फसल, सही समय और बेहतर उत्पादन के फैसले लेने में मदद करेगी, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और संसाधनों पर दबाव भी कम होगा।
“पंजाब ने देश का पेट भरा”
मान ने कहा कि पंजाब ने अपनी मिट्टी और पानी दांव पर लगाकर देश को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाया। अब समय आ गया है कि किसानों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए।मुख्यमंत्री ने बताया कि धान सीजन के दौरान किसानों को 8 घंटे से अधिक निर्बाध बिजली दी गई।
- नहरी सिंचाई का दायरा 20.90 लाख एकड़ से बढ़कर 58 लाख एकड़ हुआ
- 6700 करोड़ रुपये नहरों के आधुनिकीकरण पर खर्च
- 15,000 से ज्यादा नहरों की सफाई और हजारों खालों की बहाली
फसल खरीद और भुगतान
सरकार के अनुसार हर साल गेहूं और धान की खरीद पर करीब 80,000 करोड़ रुपये किसानों को दिए जाते हैं और यह भुगतान 24 घंटे के भीतर सीधे खातों में ट्रांसफर किया जाता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बागवानी क्षेत्र को 2036 तक 3.56 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 16 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार की “मां-बहन सम्मान योजना” के तहत महिलाओं को हर महीने ₹1000 और SC वर्ग की महिलाओं को ₹1500 दिए जाएंगे। इसके लिए 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और रजिस्ट्रेशन 13 अप्रैल से शुरू होगा।
विपक्ष पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने राज्य को संकट में धकेला। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें फिर से एकजुट होकर पंजाब को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।
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