चंडीगढ़/फरीदकोट, 21 मार्च : पंजाब में एक छात्र को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने के मामले पर सियासत गरमा गई है। प्रताप सिंह बाजवा ने भगवंत मान सरकार और पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रताप सिंह बाजवा ने पुलिस से सवाल करते हुए कहा कि एक छात्र द्वारा सवाल पूछने पर उसे हिरासत में लेना अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला है। उन्होंने पूछा कि क्या अब सरकार से सवाल करना अपराध बन गया है।
सरकार पर तानाशाही रवैये का आरोप
बाजवा ने आरोप लगाया कि राज्य में असहमति (dissent) को सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर आलोचना करने पर कार्रवाई होती है, तो क्या नागरिकों से सिर्फ चुप रहने की उम्मीद की जा रही है। मामला उस वक्त तूल पकड़ गया जब फरीदकोट के एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में एक छात्र पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से तीखे सवाल पूछता नजर आता है।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
वीडियो में यह भी देखा गया कि पुलिस अधिकारी छात्र के सवालों का सीधे जवाब देने के बजाय उससे उसकी निजी जानकारी पूछते हैं, जिससे मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। विपक्ष ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि लोकतंत्र में सवाल पूछना हर नागरिक का अधिकार है। इस घटना ने पंजाब में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पुलिस की कार्यशैली को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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