March 24, 2026

शहीदों को ‘भारत रत्न’ देने की मांग, भाजपा सरकार पर बरसे भगवंत मान

शहीदों को ‘भारत रत्न’ देने की मांग, भाजपा...

चंडीगढ़, 24 मार्च : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ‘भारत रत्न’ देने की मांग की थी, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने इसे नहीं माना। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर भगत सिंह देश के पहले प्रधानमंत्री होते, तो आज भारत की स्थिति पूरी तरह अलग होती।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर आज़ादी के बाद देश की बागडोर युवाओं को सौंपी जाती, तो भारत दुनिया में अग्रणी देशों में शामिल होता।

हुसैनीवाला में शहीदों को श्रद्धांजलि

हुसैनीवाला में शहीदी दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान शहीद परिवारों को सम्मानित किया गया और करीब 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विरासत परिसर का शिलान्यास भी किया गया। भगवंत मान ने कहा कि जिन लोगों ने आज़ादी के संघर्ष में कुछ नहीं खोया, वही आज यह दावा कर रहे हैं कि भारत को असली आज़ादी 2014 में मिली। उन्होंने इसे शहीदों का अपमान बताया।

“नेताओं ने अपने नाम पर बनाए स्मारक”

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कई नेताओं ने अपने नाम पर स्टेडियम और स्मारक बनवाए, लेकिन भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे शहीदों को उचित सम्मान नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखने के लिए राज्य सरकार को केंद्र से लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की तरक्की के लिए युवाओं को नेतृत्व देना जरूरी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अन्य देशों में युवा नेतृत्व आगे आ रहा है, जिससे वे तेजी से प्रगति कर रहे हैं।

शहीदों के विचार अपनाने की अपील

भगवंत मान ने लोगों से अपील की कि शहीदों को सिर्फ औपचारिक रूप से याद न करें, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि देश का इतिहास बलिदानों से भरा है, लेकिन दुर्भाग्य से लोग सिर्फ तथ्यों को याद रखते हैं, उनके विचारों को नहीं समझते। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अगर हम शहीदों के रास्ते पर चलें, तो पंजाब और देश को फिर से समृद्ध बनाया जा सकता है।

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