चंडीगढ़, 24 मार्च : पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा की कि नंगल, तलवाड़ा और आसपास के इलाकों में 800 एकड़ से अधिक सरप्लस जमीन का मालिकाना हक वहां रह रहे लोगों को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह जमीन भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों की है। बैंस के मुताबिक इस फैसले से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी, जो पिछले कई दशकों से इस जमीन पर मालिकाना हक के बिना रह रहे थे। जल संसाधन विभाग ने इस संबंध में BBMB के साथ औपचारिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
“लोगों ने देश के लिए जमीन दी, अब हक लौटेगा”
बैंस ने कहा कि स्थानीय लोगों ने देश के विकास के लिए अपनी जमीनें दी थीं और प्रोजेक्ट बनाने में योगदान भी दिया। लेकिन पिछले 50 सालों में BBMB ने मालिकाना रवैया अपनाते हुए उन्हीं लोगों को परेशान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि BBMB के पास इन जमीनों के लिए लीज नीति बनाने का अधिकार नहीं है। सरकार का मानना है कि परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, इसलिए अतिरिक्त जमीनें अब राज्य और लोगों को वापस मिलनी चाहिए।
नई नीति के तहत मिलेगा मालिकाना हक
राज्य सरकार जल संसाधन विभाग की निगरानी में एक व्यापक नीति तैयार कर रही है। इसके तहत योग्य दुकानदारों और परिवारों को तय शुल्क (स्टांप ड्यूटी) देकर मालिकाना हक दिया जाएगा। बैंस ने बताया कि नंगल में नए न्यायिक कॉम्प्लेक्स के लिए जगह चिन्हित कर ली गई है और इसे जल्द विकसित किया जाएगा।
“ऐतिहासिक गलती का सुधार”
बैंस ने कहा कि यह फैसला सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि दशकों पुरानी नाइंसाफी को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने दोहराया कि भगवंत सिंह मान की सरकार उन परिवारों के साथ खड़ी है, जिन्होंने देश के लिए अपनी जमीन कुर्बान की।
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