नई दिल्ली, 26 मार्च : ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स का एक महत्वपूर्ण समूह है, जो शरीर के कई जरूरी कार्यों के लिए आवश्यक होता है। चूंकि मानव शरीर ALA (Alpha-Linolenic Acid), EPA (Eicosapentaenoic Acid) और DHA (Docosahexaenoic Acid) जैसे जरूरी फैटी एसिड्स खुद नहीं बना सकता, इसलिए इन्हें भोजन के जरिए लेना जरूरी होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं के लिए इसका महत्व और भी ज्यादा है।
पीरियड्स के दर्द में राहत
कई महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पेट दर्द और ऐंठन की समस्या होती है। 2018 के एक मेडिकल ट्रायल में पाया गया कि ओमेगा-3 फैटी एसिड इन समस्याओं को कम करने में प्रभावी है। साथ ही यह दर्द निवारक दवाइयों की जरूरत भी घटा सकता है। महिलाओं में Rheumatoid Arthritis होने का खतरा पुरुषों की तुलना में 3-4 गुना अधिक होता है। 2017 की एक स्टडी के मुताबिक, फिश ऑयल सप्लीमेंट्स जोड़ों के दर्द, सूजन और सुबह की अकड़न को कम करने में मददगार साबित होते हैं।
फर्टिलिटी और रिप्रोडक्टिव हेल्थ में अहम भूमिका
ओमेगा-3 महिलाओं की प्रजनन क्षमता के लिए भी बेहद जरूरी है:
- हॉर्मोन संतुलन: ओव्यूलेशन के लिए जरूरी हार्मोन्स को नियंत्रित करता है
- ब्लड फ्लो बेहतर: गर्भाशय तक रक्त प्रवाह बढ़ाता है
- सूजन कम करता है: शरीर की आंतरिक सूजन को घटाता है
- भ्रूण विकास: गर्भ में शिशु के बेहतर विकास में सहायक
दिल की सेहत से गहरा संबंध
ओमेगा-3 का सीधा संबंध हार्ट हेल्थ से है। यह दिल की धड़कन को नियंत्रित करने, ब्लड प्रेशर कम करने और खून में ट्राइग्लिसराइड्स घटाने में मदद करता है, जिससे धमनियों में ब्लॉकेज का खतरा कम होता है।
अपने डाइट में इन चीजों को शामिल करें:
- फैटी फिश: सैल्मन, ट्राउट, कॉड
- शेलफिश: झींगा, ऑयस्टर
- नट्स: अखरोट
- बीज: अलसी (Flax seeds), चिया सीड्स
- सब्जियां: हरी पत्तेदार सब्जियां
- ओमेगा-3 फैटी एसिड्स महिलाओं की संपूर्ण सेहत के लिए बेहद जरूरी है चाहे वह हार्मोन संतुलन हो, दिल की सेहत या प्रजनन क्षमता। इसलिए संतुलित आहार के जरिए इसकी पर्याप्त मात्रा लेना जरूरी है।

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