चंडीगढ़, 30 मार्च : पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने श्रीमती रीना गुप्ता की अध्यक्षता में महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, चंडीगढ़ में नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियम, 2026 पर एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नए नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संशोधित प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।
1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे नए नियम
नए अधिसूचित एसडब्ल्यूएम नियम, 2026 के तहत वर्ष 2016 के ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। संशोधित नियमों में वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन, स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण और सभी हितधारकों की जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 268 अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के कार्यकारी अधिकारी, एसडब्ल्यूएम नोडल अधिकारी, कार्यक्रम समन्वयक, क्षमता निर्माण विशेषज्ञ और पीपीसीबी के अधिकारी शामिल थे। सत्र के दौरान प्रतिभागियों को नई जिम्मेदारियों और क्रियान्वयन ढांचे की विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (टीआईईटी) के ऊर्जा एवं पर्यावरण विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. धमोधरन के. ने दो घंटे के सत्र में नए नियमों के प्रमुख प्रावधानों, 2016 के नियमों में बदलाव और क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। वहीं, पीपीसीबी के सहायक पर्यावरण अभियंता श्री अक्षित कपिल ने संशोधित नियमों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए क्षेत्रीय स्तर पर होने वाले बदलावों और उनके प्रभावों को स्पष्ट किया।
क्रियान्वयन से पहले तैयारियों पर फोकस
यह कार्यक्रम विभागों की क्षमता बढ़ाने और नए नियम लागू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विभिन्न स्तरों के अधिकारियों को एक मंच पर लाकर पीपीसीबी ने नियामक ढांचे की बेहतर समझ विकसित करने का प्रयास किया। कार्यशाला के अंत में एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की और अपने जमीनी अनुभव साझा किए।
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