नई दिल्ली, 4 अप्रैल : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के दो लड़ाकू विमान—F-15 और A-10—को मार गिराया है। यह घटना अमेरिकी सैन्य इतिहास में बेहद दुर्लभ मानी जा रही है, क्योंकि पिछले 20 वर्षों में ऐसा कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया था।
इस घटनाक्रम ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता काफी हद तक कमजोर हो चुकी है। ईरान की इस कार्रवाई को उसकी सैन्य ताकत के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
F-15 जेट गिराए जाने की पुष्टि
अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि शुक्रवार को एक F-15E लड़ाकू विमान को निशाना बनाया गया। इस घटना में एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, उसकी वायुसेना की कार्रवाई में एक अमेरिकी A-10 हमला करने वाला विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
20 साल बाद ऐसी घटना
आखिरी बार इस तरह की घटना 2003 में इराक युद्ध के दौरान सामने आई थी, जब एक A-10 थंडरबोल्ट II विमान को निशाना बनाया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दशकों में अमेरिकी वायुसेना को ऐसे दुश्मनों का सामना कम ही करना पड़ा है जिनके पास उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम हों।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा जारी फुटेज के मुताबिक, इन हमलों में सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। खास बात यह रही कि पारंपरिक रडार सिस्टम की बजाय ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड सेंसर के जरिए लक्ष्य को ट्रैक किया गया।

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