April 7, 2026

पाकिस्तान में ईसाई लड़की के अपहरण और जबरन शादी से ब्रिटिश सांसदों में रोष

पाकिस्तान में ईसाई लड़की के अपहरण और...

नई दिल्ली, 7 अप्रैल : पाकिस्तान में ईसाई लड़की मारिया शहबाज़ के अपहरण और जबरन शादी के मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, मारिया को अगवा कर उसका जबरन निकाह कराया गया और धर्म परिवर्तन भी करवाया गया। लड़की के पिता का कहना है कि शादी के समय वह नाबालिग थी, इसके बावजूद संघीय संवैधानिक अदालत ने इस विवाह को वैध करार दिया।

APPG (पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों के लिए सर्वदलीय संसदीय समूह) ने बयान जारी कर कहा कि देश में ईसाई और हिंदू समुदाय की लड़कियों के अपहरण, धर्म परिवर्तन और जबरन शादी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। समूह के अनुसार, यह एक व्यापक पैटर्न बन चुका है और पीड़ित परिवारों को न्याय पाने में कानूनी व सामाजिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है।

‘अदालतें अक्सर आरोपियों का साथ देती हैं’

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई मामलों में अदालतें भी कथित तौर पर अपहरणकर्ताओं के पक्ष में फैसले देती हैं, जिससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाता। APPG के सह-अध्यक्ष लॉर्ड आल्टन ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा बुनियादी सिद्धांत हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे मामलों में उच्चस्तरीय जांच, पारदर्शिता और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है।

पाकिस्तान सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग

ब्रिटिश समूह ने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि जबरन शादी के मामलों की निष्पक्ष जांच हो, नाबालिगों से जुड़े मामलों में सख्त कानून लागू किए जाएं।, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। Christian Today की रिपोर्ट के अनुसार, समूह ने धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की भी मांग की है। पिछले हफ्ते APPG ने इस्लामाबाद में कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा ईसाई परिवारों की बस्तियों को हटाने की कथित योजना पर भी चिंता जताई थी।

यह भी देखें : मौसम का यू-टर्न: हरियाणा-पंजाब में ओलावृष्टि का अलर्ट, लौटी ठंड