वाशिंगटन, 23 अप्रैल : अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में दावा किया कि ईरान की सरकार “seriously fractured” यानी गंभीर रूप से बिखरी हुई है। उन्होंने युद्धविराम (ceasefire) बढ़ाते हुए कहा कि ईरान को एक “एकजुट प्रस्ताव” तैयार करने के लिए समय चाहिए। व्हाइट हाउस के अनुसार, पाकिस्तान में उपराष्ट्रपति JD Vance के साथ दूसरी दौर की बातचीत में ईरान की अनुपस्थिति यह दिखाती है कि वहां की नेतृत्व प्रणाली असंगठित हो चुकी है।
ट्रंप से मेल नहीं खाती विशेषज्ञों की राय
हालांकि कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इस दावे से सहमत नहीं हैं। Mehrat Kamrava (जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी कतर) का कहना है “यह ईरानी नेतृत्व की गलत व्याख्या है। नेतृत्व काफी हद तक एकजुट है और यह युद्ध व कूटनीति दोनों में दिख रहा है।” हालिया संघर्ष में Ali Khamenei समेत कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेताओं की मौत के बाद ईरान की सत्ता संरचना बदली है। अब नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के नेतृत्व में एक छोटा लेकिन प्रभावशाली समूह फैसले ले रहा है।
अंदरूनी और बाहरी दबाव
ईरानी नेतृत्व को एक साथ कई दबावों का सामना करना पड़ रहा है घरेलू दबाव: कट्टरपंथी समूह हार मानने को तैयार नहीं, बाहरी दबाव: अमेरिका द्वारा “जीत घोषित” करने का दबाव, युद्ध की स्थिति: अस्तित्व के संकट जैसी स्थिति। विशेषज्ञ Trita Parsi के अनुसार “युद्ध के बाद ईरान के अलग-अलग गुट पहले से ज्यादा एकजुट दिख रहे हैं, क्योंकि निर्णय लेने वाला समूह अब छोटा और केंद्रित है।”
ईरान ने स्पष्ट कहा है
जब तक अमेरिका बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी नहीं हटाता, बातचीत संभव नहीं, अमेरिका युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है, वॉशिंगटन कूटनीति में गंभीर नहीं है।
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