चंडीगढ़, 25 अप्रैल : चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत ने पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में जांच एजेंसी को अहम राहत दी है। अदालत ने सीबीआई की उस अर्जी को मंजूरी दे दी है, जिसमें जब्त किए गए दस्तावेज, नकदी और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को एक नई प्रारंभिक जांच (PE) में उपयोग करने की अनुमति मांगी गई थी।
सीबीआई अब इस मामले में पहले से जब्त मोबाइल फोन, डायरियां, नकदी और अन्य डिजिटल सबूतों को नई जांच में शामिल कर सकेगी। यह नई जांच उन स्वतंत्र लेन-देन से जुड़ी है, जिनमें कई अज्ञात सरकारी अधिकारी और निजी व्यक्ति शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
डायरी और व्हाट्सऐप चैट से बड़ा खुलासा
सूत्रों के अनुसार, यह नई जांच शारदा के घर से मिली एक डायरी और व्हाट्सऐप चैट के विश्लेषण के बाद शुरू की गई है। इन दस्तावेजों से संकेत मिला है कि वह विभिन्न सरकारी विभागों में रिश्वत के बदले काम कराने के लिए बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था। विशेष सीबीआई जज भावना जैन ने मामले में 19 फरवरी को दर्ज नई पीई के लिए सबूतों के इस्तेमाल की अनुमति दी है। साथ ही 27 अप्रैल को सीबीआई की उस अर्जी पर भी सुनवाई होगी, जिसमें भुल्लर और उसके सहयोगी किर्शनु शारदा के खिलाफ रोजाना सुनवाई (डे-टू-डे ट्रायल) की मांग की गई है।
अगर अदालत रोजाना सुनवाई की अनुमति देती है, तो इस हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई में काफी तेजी आने की संभावना है। सीबीआई का दावा है कि यह नेटवर्क कई स्तरों पर फैला हुआ था और इसमें बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी के लेन-देन शामिल हैं।

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