April 26, 2026

ईरान में इंटरनेट पाबंदी से गहराया संकट, लाखों नौकरियां समाप्त

ईरान में इंटरनेट पाबंदी से गहराया संकट...

तेहरान, 26 अप्रैल : अमेरिका और इसराइल के साथ जारी तनाव के बीच ईरान में लंबे समय से लागू इंटरनेट पाबंदियों का असर अब गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट के रूप में सामने आ रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, लाखों लोग इससे प्रभावित हुए हैं। ईरान में करीब एक करोड़ लोग अपने काम के लिए स्थिर इंटरनेट पर निर्भर हैं। लेकिन लगातार जारी प्रतिबंधों के कारण देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हुआ है।

शुरुआती आकलनों के अनुसार, इंटरनेट प्रतिबंधों के चलते अब तक 10 लाख से अधिक नौकरियां प्रभावित हुई हैं या खत्म हो चुकी हैं। कुछ स्वतंत्र अनुमानों में यह संख्या और भी अधिक बताई जा रही है।

40 लाख नौकरियों तक असर का अनुमान

एक रिपोर्ट, जिसे ईरानी मीडिया आउटलेट Asr-e Iran ने उद्धृत किया है, उसमें दावा किया गया है कि युद्ध और इंटरनेट बंदी के संयुक्त असर से करीब 40 लाख नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि इस अनुमान के पीछे स्पष्ट कार्य-पद्धति (मेथडोलॉजी) नहीं बताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार, इंटरनेट बंदी का असर केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उद्योगों और ढांचागत सेक्टरों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। डिजिटल कारोबार, स्टार्टअप्स और ऑनलाइन सेवाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं।

सरकार के भीतर भी मतभेद

ईरान सरकार के भीतर भी इस नीति को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं। कुछ वरिष्ठ मंत्रियों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक इंटरनेट प्रतिबंधों से सामाजिक और आर्थिक संकट और बढ़ सकता है। ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ़ ने कहा है कि इंटरनेट तक पहुंच को एक “सार्वभौमिक अधिकार” के रूप में देखा जाना चाहिए। हालांकि सरकार के कुछ अधिकारी अभी भी “विशेष परिस्थितियों” का हवाला देकर प्रतिबंधों को उचित ठहरा रहे हैं।

बढ़ता दबाव और अनिश्चितता

रिपोर्टों के अनुसार, देश में इंटरनेट पर प्रतिबंध अब 54वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिससे सामान्य जनजीवन और आर्थिक गतिविधियां लगातार प्रभावित हो रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक जारी रहती है, तो ईरान की डिजिटल अर्थव्यवस्था और रोजगार बाजार पर इसका दीर्घकालिक असर पड़ सकता है।

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