चंडीगढ, 27 अप्रैल : आम आदमी पार्टी (AAP) के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के शराब घोटाले से जुड़े मामले में अदालत में पेश न होने के ऐलान पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया कि क्या केजरीवाल अब खुद को कानून और अदालत से ऊपर समझने लगे हैं।
जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि केजरीवाल को देश के संविधान और न्याय व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीबीआई द्वारा दायर अपील पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत है, ऐसे में अदालत में पेश न होने का फैसला उचित नहीं है।
दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप
जाखड़ ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अक्सर ‘सत्यमेव जयते’ की बात करते हैं, लेकिन अगर वे सच के साथ हैं तो उन्हें अदालत का सामना करने से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और सहानुभूति हासिल करने की कोशिश करना ठीक नहीं है। भाजपा नेता ने आम आदमी पार्टी पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ केजरीवाल निचली अदालत के फैसले को अंतिम मानने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ पंजाब सरकार कर्मचारियों को डीए और बकाया देने के हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करने की तैयारी कर रही है।
राजनीतिकरण का आरोप
जाखड़ ने कहा कि भारतीय कानून के तहत सरकार और प्रभावित पक्ष अक्सर निचली अदालतों के फैसलों के खिलाफ उच्च अदालतों में अपील करते हैं, इसलिए इस तरह का “ड्रामा” करना सही नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि हाई कोर्ट इस मामले में कानून के अनुसार फैसला करेगा। अंत में जाखड़ ने कहा कि केजरीवाल हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश करते हैं और इस मामले में भी ऐसा ही हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि अब जनता ऐसे “ड्रामों” से तंग आ चुकी है।
यह भी देखें : सात सांसदों के जाने के बाद ‘आप’ में विधायकों के टूटने का डर

More Stories
डीसी ऑफिस भी निशाने पर, संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा बढ़ाई गई
पंजाब में भीषण गर्मी, बिजली की मांग ने तोड़े सभी रिकॉर्ड
साबका डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के ठिकानों पर ईडी का छापा