September 27, 2026

पंजाब पुलिस ने बॉर्डर पार से नशा तस्करी रोकने के लिए नए ड्रोन डिटेक्शन प्लेटफॉर्म किए तैनात

punjab dgp

पटना, 14 सितंबर 2026: पिछले कुछ वर्षों के दौरान पंजाब में पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए होने वाली नशों की तस्करी के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई के चलते नशा तस्करी के तरीकों में बदलाव आया है और अब फार्मास्यूटिकल ड्रग्स पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। पंजाब में नशा-रोधी कानूनों को लागू करने के संबंध में अब हेरोइन की लत के बजाय फार्मास्यूटिकल ड्रग्स की लत एक प्रमुख चुनौती के रूप में उभर रही है।

पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पंजाब पुलिस द्वारा पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए अपनाई गई बहु-स्तरीय प्रतिक्रिया के चलते पंजाब में जमीनी स्तर पर हेरोइन की उपलब्धता में तेजी से गिरावट आई है।

पंजाब पुलिस द्वारा 09 एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए जा रहे हैं, जिनमें से 03 ‘बाज की आंख’ सिस्टम 9 अगस्त, 2025 से अमृतसर, तरन तारन और फिरोजपुर में पहले ही कार्यशील हैं, जो इन ड्रोन का पहले ही पता लगाकर उन्हें जाम कर देते हैं। लंबे समय तक चलने वाले मोबाइल ड्रोन डिटेक्शन प्लेटफॉर्म ‘ड्रोन सेंस डी200 प्रो’ की 03 यूनिटें 03-09-2026 से सीमावर्ती जिलों में रणनीतिक स्थानों पर तैनात की गई हैं, जो तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करती हैं।

यह सिस्टम ड्रोन से संबंधित गतिविधियों और खेप गिराने वाले स्थानों की सटीक जानकारी उपलब्ध कराता है, जिससे समय पर कार्रवाई संभव हो जाती है। जमीनी स्तर पर तत्काल कार्रवाई के लिए 147 पुलिस कर्मचारियों के साथ-साथ 52 ड्रोन रिस्पांस टीमों (डीआरटी) द्वारा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ निकट तालमेल में काम किया जा रहा है। ये टीमें ड्रोन अलर्ट मिलने पर संदिग्ध खेप गिराने वाले स्थानों तक पहुंचती हैं, तलाशी लेती हैं और गिराई गई खेपों को प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को गिरफ्तार करती हैं। इन कार्रवाइयों में सहायता के लिए 585 स्थानों पर 2367 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और 600 पुलिस कर्मचारियों वाले 64 सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस नाकों की व्यवस्था की गई है।

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