चंडीगढ़, 23 सितंबर 2026: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने मंगलवार को बहरीन की एक महिला द्वारा अकाली नेता अमरजीत सिंह चावला और अन्य के विरुद्ध लगाए गए गंभीर आरोपों पर अकाली दल (बादल) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल, एसजीपीसी लीडरशिप, सीनियर अकाली नेताओं, कांग्रेस नेताओं और भाजपा नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाया।
उन्होंने अकाली नेताओं हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया, कांग्रेस नेताओं सुखपाल सिंह खैरा, प्रताप सिंह बाजवा, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सीनियर भाजपा नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “बहरीन से आई एक महिला की शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी और यह मामला कई दिनों से चल रहा है। अमरजीत सिंह चावला ने एसजीपीसी की मेंबरशिप और दूसरे पदों से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन सवाल यह है कि क्या एसजीपीसी से उनका इस्तीफा सच में स्वीकार किया गया है? अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ आनंदपुर साहिब पुलिस स्टेशन में रेप, गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाने और आपराधिक धमकियां की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।”
अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर सीधा सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, “सुखबीर सिंह बादल अभी भी चुप क्यों हैं? अकाली दल के मुख्य संरक्षक इस मुद्दे पर आगे आकर कुछ क्यों नहीं कह रहे हैं?”
एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी से सवाल करते हुए बलतेज पन्नू ने पूछा कि एसजीपीसी ने उस तत्परता के साथ कार्रवई क्यों नहीं की जो ऐसे मामलों में ज़रूरी मानी जाती है। उन्होंने तर्क दिया कि के में नामजद व्यक्तियों के बारे में संगत को जानकारी देने वाले बोर्ड गुरुद्वारों के बाहर क्यों नहीं लगाए गए? अगर संगत को जागरुक करने के लिए यह एक प्रथा है, तो इसे लागू करने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।”
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